अपनी मांगों को लेकर हड़ताल कर रहे बिजली कर्मियों के खिलाफ पहले बिजली बाधित करने के आरोप में एफआईआर दर्ज करायी गयी. बाद में उन्हें बर्खास्त करने का तुगलकी फरमान जारी कर दिया गया.
बेतिया : विद्युत विभाग ने तानाशाही रवैया अपनाया है. अपनी मांगों को लेकर हड़ताल कर रहे निजी बिजली कर्मियों पर एफआईआर दर्ज कराने के बाद उन्हें बर्खास्त करने का तुगलकी फरमान जारी कर दिया है.
विभाग ने इनपर विद्युत बाधित करने का आरोप लगाया है. जबकि हड़ताली कर्मियों का कहना है कि हड़ताल तोड़ने के लिए यह सख्त रूख अपनाया गया है. जानकारी के अनुसार, विद्युत कर्मी संयुक्त संघर्ष मोर्चा के तत्वावधान में एजेंसी में कार्यरत बिजली कर्मी गुरूवार से हड़ताल पर चले गये थे. 11 सूत्री मांगों को लेकर सभी ने अनिश्चितकालीन हड़ताल की घोषणा कर दी थी.
इसमें जिले के 138 निजी बिजली कर्मी शामिल थे. हड़ताल के दूसरे दिन बिजली विभाग ने इन हड़ताली कर्मियों से 17 के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज करा दी. विभाग ने इनपर हड़ताल के दौरान बिजली आपूर्ति बाधित करने का आरोप लगाया. अब तीसरे दिन शनिवार को कार्यपालक अभियंता ने बेतिया, बगहा, नरकटियागंज व रामनगर के एसडीओ को पत्र लिख 15 हड़ताली कर्मियों को बर्खास्त करने का आदेश जारी कर दिया है. यह सभी कर्मी मेसर्स गोस्वामी इलेक्टिकल्स पॉवर एंड कंस्ट्रक्शन में कार्यरत थे.
रोजी-रोटी के डर से काम पर लौट रहे हड़ताली कर्मी
एफआईआर व बर्खास्तगी के बाद हड़ताल कर रहे एजेंसी के बिजली कर्मी अब काम पर लौटने लगे हैं. शनिवार को हड़ताली कर्मियों ने काम-काज निपटाया. हालांकि विभाग की इस तानशाही कार्रवाई को लेकर सभी आक्रोश में थे, लेकिन रोजी-रोटी जाने के भय से किसी ने विरोध प्रदर्शन नहीं किया और काम-काज की.
