पिपरासी : मधुबनी प्रखंड के दहवा स्थित प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र में बुधवार को आयोजित बंध्याकरण शिविर के दौरान आशा और चिकित्सकों में नोक – झोंक हो गयी. नोक- झोंक का कारण पहले अपने मरीज का सर्जरी कराने का बताया जाता है.
आशा कार्यकर्ता स्वयं के द्वारा रजिस्ट्रेशन कराये मरीज का पहले ऑपरेशन कराना चाहती थी. जबकि अस्पताल प्रशासन की ओर से क्रमवार सर्जरी करने की बात कही जा रही थी.
इसी को लेकर आशा कार्यकर्ता उलझ गयी और मामले काफी उग्र हो गया. आक्रोशित आशा कार्यकर्ताओं ने सर्जरी करने आये चिकित्सक को ऑपरेशन थियेटर से बाहर कर दिया. साथ हीं कई मरीज के परिजनों के साथ भी धक्का-मुक्की की.
आशा कार्यकर्ताओं के हंगामे के वजह से बंध्याकरण शिविर को स्थगित करना पड़ा. प्रभारी चिकित्सा पदाधिकारी डा. सुधांशु कुमार ने बताया कि आशा कार्यकर्ताओं के हंगामे के वजह से बंध्याकरण शिविर को स्थगित कर दिया गया. हंगामा करने वाली आशा कार्यकर्ताओं के खिलाफ कार्रवाई के लिए प्रतिवेदन भेजा जायेगा.
क्या है पूरा मामला
प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र मधुबनी दहवा में बुधवार को बंध्याकरण शिविर के दौरान 95 महिलाओं का रजिस्ट्रेशन किया गया था. सभी आशा अपने-अपने क्षेत्र से महिलाओं को बंध्याकरण शिविर में लायी थी. लेकिन बंध्याकरण करने के लिए जिला से सिर्फ एक हीं चिकित्सक आये थे. चिकित्सक के द्वारा 50 महिलाओं के बंध्याकरण की बात कही जा रही थी. यह सुन आशा कार्यकर्ता आक्रोशित हो गयी और चिकित्सक व अन्य कर्मियों को गाली देने लगी. चिकित्सकों व कर्मियों से धक्का- मुक्की करने के बाद कार्यकर्ताओं ने बंध्याकरण ऑपरेशन बंद करा दिया.
प्रभारी से बदसलूकी
प्र्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र मधुबनी की आशा कार्यकर्ता मरीजों के साथ भी दुर्व्यवहार करने लगी. मरीज के परिजन बीचबचाव करने के लिए आये आये तो आशा कार्यकर्ताओं ने उनके साथ भी दुर्व्यवहार किया.
कार्यकर्ताओं ने प्रभारी चिकित्सा पदाधिकारी सुधांशु कुमार वर्मा से साथ भी बदसलूकी की. बंध्याकरण के लिए आये चिकित्सक डा. राजीव रंजन को जबरन ऑपरेशन थियेटर से बाहर निकाल दिया.
