पुराना चाईबासा : सामाजिक पहल पर डायन विवाद सुलझा, निर्णय
चाईबासा : पुराना चाईबासा गांव में डायन विवाद को लेकर चार दिन से चला आ रहा गतिरोध मंगलवार को आम सहमति के बीच खत्म हो गया. विवाद को लेकर आयोजित ग्राम सभा ने यह प्रस्ताव पारित किया कि डायन के नाम पर यदि कोई व्यक्ति किसी को प्रताड़ित करता है तो उस पर पांच हजार रुपये जुर्माना लगाया जायेगा. पंच चाहे तो ऐसे मामले में आरोपी को सामाजिक बहिष्कार की सजा भी सुना सकते है.
ग्राम सभा में नवनिर्वाचित मुखिया सुमित्रा देवगम ने सभा में कहा कि जब भी कोई बीमार होता है तो सबसे पहले डाक्टर के पास जांच करावें. थोड़ी सी खून जांच से पता चल जाएगा कि ”डायन” कौन है. डायन घोषित करने वाला देंवा (पुजारी) भी इसके लिए कम दोषी नहीं.
आरोप को लेकर गांव में था तनााव
दरअसल पुराना चाईबासा गांव में पालो माई (बदला नाम) अपने मायके आयी थी. गांव के एक व्यक्ति से उसका विवाद हो गया. इसे लेकर पीड़िता की विधवा मां, चार भाई व दूसरे गांव के मामा अपने परिवार गांव में जमा हो गये थे. सभी आक्रोश में थे और गांव में स्थिति तनावपूर्ण हो गयी थी.
गांव के मुंडा जानुम सिंह देवगम और डाकुवा ने भी विवाद को खत्म करने का प्रयास किया. लेकिन ग्राम सभा नहीं आयोजित हो सकी. स्थिति को बिगड़ते देखकर नवनिर्वाचित मुखिया सुमित्रा देवगम ने भुक्तभोगी परिवार से मिली और मामला सुलझाने की पहल शुरू हुई. इसके बाद मामला थाना नहीं गया. ग्रामीणों ने विवाद सुलझ जाने पर राहत महसूस की है.
