नये साल में भूकंप ने दी दस्तक, डर का छाया साया
बेतिया : नये साल 2016 के चौथे दिन लोगों की नींद डर के साये में खुली. सोमवार की सुबह करीब 4.30 बजे चंपारण जिले में भी लोगों ने भूकंप का झटका को महसूस किया. भूकंप का झटका आते ही कितने लोगों की नींद खुल गयी. लोग बिछावन छोड़ कर खड़े हो गये. जब तक घर […]
बेतिया : नये साल 2016 के चौथे दिन लोगों की नींद डर के साये में खुली. सोमवार की सुबह करीब 4.30 बजे चंपारण जिले में भी लोगों ने भूकंप का झटका को महसूस किया. भूकंप का झटका आते ही कितने लोगों की नींद खुल गयी. लोग बिछावन छोड़ कर खड़े हो गये. जब तक घर वालों की खबर देते तब तक धरती ने डोलना बंद कर दिया था.
चंपारण जिला में शहर से गांव तक भूकंप से कोई क्षति नहीं हुई है. इस झटका को वहीं लोग महसूस कर पाये जो ज्यादा संवेदन शील थे. अधिकांश लोग धरती के इस हलचल से बेखबर दिखे. जानकारी के अनुसार, पिछले वर्ष में 24 अप्रैल से धरती का डोलना शुरू हुआ था.
करीब एक पखवारा तक भूकंप के झटके महसूस होती रही. कई जगहों पर मकान गिर गये और दर्जनों पक्के के मकानों में दरार आ गये थे. वही भूकंप के डर से एक छात्र समेत तीन लोगों की मौत भी हो गयी थी.
टीवी व ह्वाट्सएप की खबर से उड़ी नींद
टीवी पर न्यूज चैनलों की खबर व मोबाइल के ह्वाट्सएप पर आयी सूचना से कितने लोगों की नींद उड़ गयी. जब तक लोगों को इसकी खबर मिली. धरती का हलचल एकदम शांत हो चुका था. शहर से लेकर गांव तक भूकंप का चर्चा ही सोमवार को छायी रही.
कुछ देर के लिए लगा कि कदम डगमगा गये…
शहर के नूनियार मुहल्ला के रहने वाले संजय सिंह उर्फ छोटे सिंह ने बताया कि सोमवार को अहले सुबह जगे ही थे.
बिछावन से उठ कर चप्पल पहने के लिए अभी पैर जमीन रखे ही थे कि अचानक कदम डगमगा गये. फिर अपने को संभालते हुए चप्पल पहना और बच्चों को आवाज लगायी कि भूकंप आ गया.
लेकिन जब तक पत्नी और बच्चे आते भूकंप के झटके थम गये थे. कहते हैं कि सोमवार को पिछले वर्ष की यादों को याद कर दिल सहम गया था.