बगहा : दीपावली में महालक्ष्मी पूजा की विशेष महत्व है. सभी लोग महा लक्ष्मी को प्रसन्न करने के लिए पूजा व उपासना करते हैं. ऐसे में आवश्यक है कि शुभ मुहूर्त में महा लक्ष्मी की पूजा की जाये.
तभी मनोकामना पूर्ण हो सकती है और महा लक्ष्मी भी प्रसन्न होगी. हरिनगर के श्रीजगदंबा ज्योतिर्विज्ञानम के निदेशक आचार्य पं. आशुतोष द्विवेदी के मुताबिक 11 नवंबर को दिवाली है. इस दिन महालक्ष्मी की पूजा पूरे दिन और रात की जा सकती है. अमावस्या तिथि को महालक्ष्मी की असीम कृपा अपने भक्तों पर रहती है. इस लिए खास अवधि पर विचार नहीं करें. फिर भी अगर पूजा की उत्तम बेला के बारे में जानना चाहते हैं
तो इस दिन तीन अलग – अलग समय महालक्ष्मी की पूजा के लिए सर्वोतम है. बुधवार दिन के 12: 49 से अपराह्न 2 : 20 बजे तक कुंभ लग्न है. अमावस्या के दिन शनि की विशेष कृपा रहती है.
ऐसे में इस बेला में महालक्ष्मी और गणेश की पूजा करने से अप्रत्याशित लाभ की संभावना बनेगी. संध्या बेला में 5: 26 बजे से 7:23 बजे तक अमृत बेला है. वृष लग्न में महालक्ष्मी की पूजा होगी. स्थिर लाभ के योग हैं. रात्रि बेला में 11 : 55 से 2:08 बजे तक सिंह लग्न है. इस बेला में पूजा करने से महालक्ष्मी धन – धान्य से परिपूर्ण करेंगी.
