थरुहट में अनियमितताओं के खिलाफ होगा आंदोलन

बेतिया : जिले के थारु जनजाति के अंतमुर्खी एवं बहुमुखी विकास की लड़ाई लड़ रहे लोक जागरण मंच ने कहा है थारूओं के विकास की अभी भी पूरी नहीं हो पायी है. जो भी योजनाएं इनके विकास के लिए चल रही है, उसमें भी लूट खसोट मचा हुआ है. संघ के प्रवक्ता श्याम नारायण पांडेय […]

बेतिया : जिले के थारु जनजाति के अंतमुर्खी एवं बहुमुखी विकास की लड़ाई लड़ रहे लोक जागरण मंच ने कहा है थारूओं के विकास की अभी भी पूरी नहीं हो पायी है. जो भी योजनाएं इनके विकास के लिए चल रही है, उसमें भी लूट खसोट मचा हुआ है. संघ के प्रवक्ता श्याम नारायण पांडेय ने कहा कि सेमरहनी दोन व बेतहानी दोन में बन रहे सड़क निर्माण में भी व्यापक अनियमितता बरती गयी है. इसके विरूद्ध सीएम से लेकर डीएम को आवेदन दिया गया है.

अगर इस मामले में कोई कार्रवाई नहीं होती है तो मंच आगामी 12 जुलाई से अपना आंदोलन आरंभ करेगी. आंदोलन के इस कड़ी में गोबरहिया दोन में महापंचायत बुलायी जायेगी. उसके बाद अनुमंडल स्तर से लेकर जिला स्तर तक आंदोलन किया जायेगा.

लोक जागरण मंच के सदस्य सह दोन तापा के सचिव रामदेव महतो, अध्यक्ष सुदंरपति देवी, लक्ष्मण महतो, सईद सिद्घिकी आदि उपस्थित थे. वही प्रो़ परवेज आलम ने कहा कि थारु जनजाति के विकास की दिशा में राज्य सरकार की ओर से थरुहट विकास अभिकरण के जरिये अनेक विकास की योजनाए आंरभ की गयी है. लेकिन योजनाओं के अनियमितता के खिलाफ थारु जनजाति अंहिसात्मक आंदोलन की शंखनाद करेगी. दोन क्षेत्र की जनता महात्मा गांधी के सत्य अहिंसा शांति के मार्ग का पालन करने वाले है. लोक जागरण मंच राजनैतिक पार्टी नहीं है.

ग्रामीणों ने किया प्रदर्शन

साठी. नरकटियागंज प्रखंड के भभटा पंचायत अंर्तगत भभटा गांव में सरकारी कुआं पर चंद ग्रामीणों द्वारा अवैध कब्जा करने और उसके पानी निकासी के लिए बनाये गये नाली को भर देने से आक्रोशित ग्रामीणों ने गुरुवार को प्रदर्शन किया.

ग्रामीणों का आरोप था कि इस शिकायत को अनुमंडल पदाधिकारी नरकटियागंज के यहां दर्जनों ग्रामीणों ने हस्ताक्षर युक्त आवेदन दिया है लेकिन प्रशासन द्वारा इस संदर्भ में अभी तक कोई कार्रवाई नहीं की गई.

अनुमंडल पदाधिकारी को दिये गये आवेदन में ग्रामीणों ने बताया है कि सरकारी कुआ एवं उसके पानी के निकासी के लिए जो नाली बनाया गया है उसे गांव के हीं बिजय सिंह और नूरहोदा द्वारा कुआ का अतिक्रमण कर नाली में मिट्टी डालकर भर दिया गया है . जिससे पानी पीने और पानी गिराने का रास्ता बन्द हो गया है .

इस संदर्भ में ग्रामीण बोधा अंसारी, मदन प्रसाद, इदरिश अंसारी, बागड़ सिंह, उमेश प्रसाद आदि ने बताया कि हमारे पूर्वज जब अंग्रेज के जमाने में जंगल काटकर रहने के लिए घर बना रहे थे उसी दरम्यान यह कुआ मिला . चीर प्राचीन इस धरोहर को कई बार सरकारी राशि से जीर्णोद्धार कराया गया है . लेकिन बिजय सिंह और नूर होदा मिलकर इसे जबरन अपने कब्जे में करना चाहते हैं .

अगर इस पर प्रशासन द्वारा त्वरित कार्रवाई नहीं की गई तो यहां विधि व्यवस्था की समस्या उत्पन्न हो सकती है और इसका सारा जिम्मेवार प्रशासन होगा .

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By Prabhat Khabar Digital Desk

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