किचन के कब आयेंगे अच्छे दिन!
बेतिया : सरसो के तेल, अरहर की दाल, मसालों के भाव में इजाफे के बाद अब आलू-प्याज पर भी महंगाई ‘डायन’ ने अपनी नजर लगा दी है. इससे आलू-प्याज के दाम में डेढ़ गुने तक का इजाफा हो गया है. मौसमी सब्जियां भी महंगी हो गयी है. चौतरफा महंगाई ने किचन का गठित ही बिगाड़ दिया है. गृहणियों को अब किचन के अच्छे दिन आने का इंतजार है.
जून की शुरुआत में सील पैक ब्राण्ड सरसो का तेल बाजार में 92 रुपये प्रति लीटर पर बिक रहा था. जो मौजूदा समय में थोक में 101 और फुटकर में 105 रुपये पर आ गया. अरहर की दाल भी 110 रुपये तक आ गयी है. मसूर, मूंग भी सैकड़े के आस-पास हैं. इधर, एक हफ्ते में सब्जियों के दाम में जबरदस्त उछाल आया है.
आलू-सब्जी के अलावां नेनुआ, भिंडी, परवल, बोड़ा, टमाटर के बाद भी बढ़े हैं.
बजट बिगड़ा
छह सदस्यों वाले परिवार में दो टाइम की सब्जी पर औसत 42 रुपये की खर्च आ रही है. दाल-चावल व अन्य को जोड़कर दो समय का खर्च 70 रुपये तक आ जायेगा.
क्यों बढ़े दाम
मौसम की वजह से दलहन-तिलहन की फसल बरबाद हुई. केंद्र सरकार ने अरहर के दाल की आयात की बात कही है. आयात होगा तो दाम घटेंगे.
श्याम सुंदर, किराना विक्रेता
बीते हफ्ते आयी बरसात से मौसमी सब्जियों के दाम फिलहाल चढ़े हुए हैं. बारिश हुई तो दाम और बढ़ेंगे.
राजदेव यादव, सब्जी विक्रेता
