इबादत में गुजर रहे बंदियों के दिन

बेतिया : बरकतों के महीने रमजान में मंडल जेल की फिजा भी बदली-बदली है. भोर तीन बजे से चहल-पहल शुरू हो जा रही है. उम्र कैद की सजा भुगत रहे नईमुल्लाह मियां हो या फिर दस साल की सजा भुगत रही अम्बिया खातुन, सभी सेहरी के लिए तैयार हो जा रहे हैं. पांच वक्त की […]

बेतिया : बरकतों के महीने रमजान में मंडल जेल की फिजा भी बदली-बदली है. भोर तीन बजे से चहल-पहल शुरू हो जा रही है. उम्र कैद की सजा भुगत रहे नईमुल्लाह मियां हो या फिर दस साल की सजा भुगत रही अम्बिया खातुन, सभी सेहरी के लिए तैयार हो जा रहे हैं. पांच वक्त की नमाज के साथ ही अल्लाह की इबादत में पूरा दिन बिता कर गुनाहों की माफी मांगी जा रही हैं.
मंडल कारा में बंद 750 कैदियों में से 165 मुस्लिम बंदी रोजाना रोजे पर है. जेल प्रशासन भी रोजेदारों का पूरा ख्याल रख रहा है. बकायदा सेहरी और इफ्तार के इंतजाम किए गए हैं. इस दौरान रोजा रखने वाले बंदियों से काम भी नहीं कराया जा रहा है.
जेल उपाधीक्षक सोहन कुमार बताते हैं कि बंदी रोजेदारों के खाने-पीने की विशेष व्यवस्था की गई है. पूरे रमजान भर उनका पूरा ख्याल रखा जाता है. सामान्य दिनों में बैरक में ही नमाज पढ़ाई जाती है लेकिन जुमे की नमाज के लिए बेतिया इमारत सरैया से इमाम और मोअज्जिम आते हैं.
ईद के दिन शाही इमाम को भी आमंत्रित किया जाता है. पूरे जेल परिसर को सजाया जाता है् उस दिन खाने में सेवई को भी शामिल किया जाता है.
तीन नंबर वार्ड बना ‘मसजिद’
जेल के वार्ड नंबर तीन को मस्जिद वार्ड बनाया गया है. रात 9.05 बजे से होने वाले नमाज-ए-तारावीह के लिए यहां रोजेदार जुटते हैं. तारावीह के लिए बंदी में से एक को ही सुरह तारावीह के लिए मनोनीत किया गया है.
सोहन कुमार, डिप्टी जेलर मंडल कारा बेतिया

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