पांच फीसदी से कम हैं भूकंप रोधी मकान

बेतिया : नगर में 5 फीसदी से कम ही मकान भूकंपरोधी बने हैं. इसका खुलासा नप के पूर्व जेई सह आर्किटेक्ट प्रियरंजन ने किया. उन्होंने बताया कि नक्शा पास होने के लिए नप में काफी कम आवेदन आते हैं. वहीं लोग लागत कम लगे इसके लिए घर बनाते समय मानक से भी खिलवाड़ करते हैं. […]

बेतिया : नगर में 5 फीसदी से कम ही मकान भूकंपरोधी बने हैं. इसका खुलासा नप के पूर्व जेई सह आर्किटेक्ट प्रियरंजन ने किया. उन्होंने बताया कि नक्शा पास होने के लिए नप में काफी कम आवेदन आते हैं. वहीं लोग लागत कम लगे इसके लिए घर बनाते समय मानक से भी खिलवाड़ करते हैं. अगर आर्किटेक्ट 16 एमएम का छड़ बताता हैं तो वे लोग 10 व 12 एमएम का छड़ का प्रयोग करते हैं. बिम का एक-दूसरे से जुड़ाव नहीं होने पर हल्के झटके पर भी घर डैमेज होने का खतरा बना रहता है.
फैशन में बनवाते हैं पांच इंच का दीवार
आर्किटेक्ट प्रियरंजन ने बताया कि घर बनाते समय अधिकांश लोग फैशन व कम लागत को ध्यान में रखते हुए पांच इंच का दीवार उठवाते हैं. पांच इंच की दीवार उठाते समय कॉलम क्वाइल बना कर बैंडिग करना चाहिए. डेफ्ट व फॉल्स पिलर की संख्या बढ़ानी चाहिए. घर में जितना फॉल्स पिलर रहेगा, भूकंप का खतरा कम रहेगा.
भूकंप में क्या नहीं करें

प्रभात खबर डिजिटल प्रीमियम स्टोरी

लेखक के बारे में

By Prabhat Khabar Digital Desk

यह प्रभात खबर का डिजिटल न्यूज डेस्क है। इसमें प्रभात खबर के डिजिटल टीम के साथियों की रूटीन खबरें प्रकाशित होती हैं।

संबंधित खबरें >

यह भी पढ़ें >