बेचैनी में बीता दिन व रात

भूकंप से नुकसान : सीआइ आवास की गिरी दीवार शनिवार को भूकंप के दो झटकों से पूरा दिन दहशत का माहौल रहा. अनुमंडल के भितहा प्रखंड के जमुनिया गांव में इंदिरा आवास का एक भवन गिर गया. जबकि रामनगर में ऐतिहासिक श्रीनीलकंठ नर्मदेश्वर महादेव मंदिर का त्रिशूल टूट कर गिर गया. मंदिर की दीवारों में […]

भूकंप से नुकसान : सीआइ आवास की गिरी दीवार
शनिवार को भूकंप के दो झटकों से पूरा दिन दहशत का माहौल रहा. अनुमंडल के भितहा प्रखंड के जमुनिया गांव में इंदिरा आवास का एक भवन गिर गया. जबकि रामनगर में ऐतिहासिक श्रीनीलकंठ नर्मदेश्वर महादेव मंदिर का त्रिशूल टूट कर गिर गया. मंदिर की दीवारों में अनगिनत दरारें आ गयी है.
वाल्मीकिनगर में थाने के नव निर्मित भवन में दरारें आ गयी. बगहा दो के सीआइ के सरकारी आवास की दीवार गिर गयी.
बगहा : दिन के 11.43 बजे भूकंप का पहला झटका महसूस हुआ था. करीब एक मिनट तक भगदड़ का दृश्य रहा. जो जहां था, वहां से भाग रहा था. कई लोग तो घरों से निकल कर मैदान की ओर भाग गये. चूंकि शहरी इलाके में घना बस्ती होने के कारण सड़क भी सुरक्षित नहीं था.
अनुमंडल मुख्यालय के समीप मैदान में मेला का नजारा था. अगल – बगल के ऑफिसर कालोनी एवं अन्य मुहल्लों से निकल कर लोग खुले मैदान में आ गये थे. भूकंप के पहले झटके के बाद लोग अपने घरों की ओर अभी बढ़े ही थे. कुछेक लोग घरों की दीवार आदि का निरीक्षण कर रहे थे. तभी 12.16 बजे भूकंप का दूसरा झटका आया. हालांकि इस झटके की अवधि करीब तीन सेकेंड के आसपास थी.
सो, लोग घर से निकले और झटका खत्म. लेकिन इस भूकंप से पूरे इलाके में दिन भर दहशत का माहौल रहा. अधिकांश लोग अपने घरों के बाहर पूरे परिवार के साथ बैठे रह गये. चूंकि ऐसी चरचा थी कि प्रत्येक दो घंटे के बाद भूकंप का एक झटका आयेगा.
भूकंप में फंसे डीसीएलआर
जिला में राजस्व से संबंधित बैठक होने वाली थी. उस बैठक में शामिल होने के लिए भूमि सुधार उप समाहर्ता वृंदालाल एवं बगहा एक के सीओ अरुण कुमार जा रहे थे. अभी दोनों अधिकारी बेतिया जाने के लिए गाड़ी में बैठ कर प्रखंड परिसर से निकले हीं थे, कि भूकंप का झटका आ गया.
डीसीएलआर गाड़ी से उतर गये. डीसीएलआर के सरकारी गाड़ी के चक्के बगैर चलाये हिल रहे थे. उन्होंने कहा कि मैंने अपने जीवन में इस तरह के भूकंप का झटका नहीं देखा था.
वाल्मीकिनगर थाना भवन में दरार
वाल्मीकिनगर के थाना भवन में शनिवार को भूकंप की वजह से दरार आ गयी. हालांकि इस थाना भवन का अभी उद्घाटन नहीं हुआ है. पिछले वर्ष थाना भवन बना था. रंग रोगन कर तैयार है.
वैसे, इस भवन में पुलिस कर्मी एवं पुलिस पदाधिकारी रहते हैं. जब भूकंप का झटका आया तो इस भवन में अधिकारी एवं पुलिस के जवान थे. भवन हिलने लगा. अधिकारियों एवं जवान भाग कर बाहर निकल गये. हालांकि नव निर्मित भवन में दरार आ जाने को लेकर भवन निर्माण की गुणवत्ता पर सवाल खड़ा हो रहा है. नक्सल प्रभावित एवं भारत-नेपाल सीमा पर अवस्थित इस थाने की तीन मंजिला भवन की ऐसी गुणवत्ता होगी, इसको लेकर पुलिस के पदाधिकारी भी चिंतित हैं.
गिर गया इंदिरा आवास
भितहा . प्रखंड के हथुअहवा पंचायत के जमुनिया गांव में भूकंप के झटके के कारण एक इंदिरा आवास का अर्ध निर्मित भवन गिर गया. वर्ष 2004 में जमुनिया गांव के गुड्डू राम को इंदिरा आवास मिली थी. उन्होंने निर्माण कार्य कराया.अभी भवन का निर्माण पूरा भी नहीं हुआ है. भूकंप के इस झटके में गुड्डू राम का इंदिरा आवास गिर गया.
उनके आवास के गिरने के कारण पड़ोसी रघुनाथ राम की झोपड़ी बुरी तरह से क्षतिग्रस्त हो गयी. हालांकि घर गिरने के कारण रघुनाथ राम की साइकिल एवं अन्य सामान दब कर क्षति ग्रस्त हो गया है. वहीं झोपड़ी गिरने से रघुनाथ राम को आंशिक चोट भी आयी है.

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