बगहा व रामनगर के आठ नर्सिग होम में छापेमारी
बगहा/रामनगर (प. चंपारण) : फरजी नर्सिग होम में मरीजों के शोषण की शिकायत पर सोमवार को बगहा व रामनगर के आठ फरजी क्लिनिकों में छापेमारी हुई. छापेमारी में दो महिलाओं समेत 13 फरजी चिकित्सक पकड़े गये. इस दौरान सरकारी अस्पतालों में सप्लाई की जाने वाली एंटीबायोटिक व दर्द निवारक गोलियों से भरे पांच काटरून भी बरामद किये गये.
छापेमारी की भनक मिलने पर चार फर्जी डॉक्टर अपना क्लिनिक बंद कर फरार हो गये. रामनगर के संजीवनी नर्सिग होम व अमन हेल्थ क्लिनिक से सजर्री कर बेड पर पड़े 12 मरीजों को मुक्त कराया गया.
एसपी शफीउल हक ने बताया कि इन दोनों क्लिनिकों में कोई डॉक्टर नहीं था. इन मरीजों की देखरेख में फरजी कंपाउंडर थे. क्लिनिकों में बेहतर स्वास्थ्य सेवाओं की कोई व्यवस्था भी नहीं थी.
सभी मरीजों को बेहतर इलाज के लिए प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र रामनगर में भरती कराया गया है. पकड़े गये आरोपितों में कई खुद को चिकित्सक कह कर मरीजों का शोषण करते हैं. उनसे पूछताछ की जा रही है. क्लिनिक बंद कर फरार हुए चिकित्सकों की गिरफ्तारी के लिए छापेमारी की जा रही है.
छापेमारी में एसपी के नेतृत्व में एसडीपीओ ललित मोहन शर्मा, बगहा के पुलिस निरीक्षक भरतेंदु प्रसाद देव, रामनगर के पुलिस निरीक्षक रामबाबू कापर, बगहा के थानाध्यक्ष सत्येंद्र राम, रामनगर के थानाध्यक्ष मो अयूब, भैरोगंज के थानाध्यक्ष लालबाबू प्रसाद समेत अन्य शामिल थे.
छापेमारी के बाद फर्जी क्लिनिकों से मरीजों को मुक्त कराने के बाद एसपी ने स्वास्थ्य विभाग के वरीय अधिकारियों को सूचना दी. इसपर रामनगर अस्पताल के एक चिकित्सक डॉ सुशांत पांडेय वहां पहुंचे. डॉ पांडेय ने मरीजों की स्वास्थ्य जांच की और उन्हें अस्पताल में शिफ्ट कराया.
एक्सपायर सरकारी दवाएं बरामद
एसपी ने बताया कि रामनगर के जनता अस्पताल में कोई मरीज नहीं मिला. संचालक आरस मियां फरार था. क्लिनिक के सामने अतिरिक्त प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र के चिकित्सक डॉ शंकर शर्मा का बोर्ड लगा हुआ था. जब क्लिनिक की जांच हुई, तो पांच अलग-अलग काटरून से भरा सरकारी अस्पताल में स्प्लाई की जाने वाली एंटी बायोटिक जेंटीमाइसीन व दर्द निवारक दवा डाईसाइक्लीन मिला. सभी दवाएं एक्सपायर थीं. वहीं रामनगर के एसडीपीओ आवास के ठीक सामने संचालित अमन अस्पताल से भी चार काटरून में एक्सपायर दवाएं बरामद की गयी.
