सटोरियों का नेटवर्क सक्रिय तो नहीं !

बगहा : पिछले दो वर्ष से यहां सटोरियों का एक अंतरप्रांतीय नेटवर्क सक्रिय हुआ है. उस नेटवर्क में कई संभ्रांत परिवार के लोगों की संलिप्तता की चर्चा है. हालांकि अभी तक सटोरियों की कारगुजारी एवं उनके ठगी के गोरखधंधे से पीड़ित हो कर कोई व्यक्ति पुलिस एवं प्रशासन के पास नहीं पहुंचा था , इस […]

बगहा : पिछले दो वर्ष से यहां सटोरियों का एक अंतरप्रांतीय नेटवर्क सक्रिय हुआ है. उस नेटवर्क में कई संभ्रांत परिवार के लोगों की संलिप्तता की चर्चा है. हालांकि अभी तक सटोरियों की कारगुजारी एवं उनके ठगी के गोरखधंधे से पीड़ित हो कर कोई व्यक्ति पुलिस एवं प्रशासन के पास नहीं पहुंचा था , इस वजह से ये सटोरियों का नेटवर्क दबा हुआ था. लेकिन पहली बार इनके गोरखधंधे से पीड़ित एक परिवार पुलिस के पास न्याय के लिए दस्तक दिया है.
पुलिस भी बगहा जैसे कस्बाई शहर में आइपीएल क्रिकेट टूर्नामेंट के नाम पर सट्टेबाजी कराने की बात पर पहले तो विश्वास नहीं कर रही थी. लेकिन जब इस धंधे से जुड़े एक दुकानदार को पुलिस ने हिरासत में लिया और उससे पूछताछ की तो एक बड़े नेटवर्क का खुलासा हुआ है. पुलिस के अधिकारी इस बात को लेकर भौंचक हैं कि क्रिकेट विश्व कप के नाम पर भी इस नेटवर्क ने बड़े पैमाने पर सट्टेबाजी करायी थी.
कई लोग उस सट्टे में ठगे गये. हालांकि इस नेटवर्क में काम करने वालों का समूह संगठित है. इस वजह से लाखों लाख के नुकसान होने के बावजूद किसी ने भंड़ाफोड़ नहीं किया.पुलिस के पास सट्टेबाजी में शामिल नेटवर्क के अधिकांश लोगों के नाम आ गये है. उसकी पड़ताल करायी जा रही है. एसपी शफीउल हक ने बताया कि सटोरियों का कोई नेटवर्क सक्रिय है, यह तो खुलासा नहीं हुआ है.
लेकिन सट्टेबाजी का एक मामला सामने आया है. पुलिस इसकी जांच कर रही है. हालांकि कई लोगों का कहना है कि दो युवकों के बीच आइपीएल के हार जीत को लेकर सट्टा लगा था. एक युवक हार गया. जबकि दूसरा मसलन, संजय कुमार पहाड़ियां जीत गया. वह सट्टा की राशि मांगने के लिए कुंदन के घर पहुंच गया. इसकी को लेकर विवाद हो गया और मामला पुलिस तक पहुंच गया है.

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By Prabhat Khabar Digital Desk

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