रोज सात लाख लीटर पानी सप्लाई का दावा करता है पीएचइडी
नगर में पेयजल आपूर्ति सेवा पूरी तरह चरमराई हुई है. कहने को तो शहर में चार जल मिनार हैं लेकिन मात्र दो ही चालू हालत में है. नप के पुराने चार वार्ड में सात लाख लीटर पानी आपूर्ति करने का पीएचइडी का दावा पूरी तरह खोखला साबित हो रही है.
बेतिया : गरमी के मौसम आते ही पेयजल की समस्या आम हो जाती है. लेकिन नगर परिषद क्षेत्र में पाइप लाइन सेवा काफी वर्षो पहले ही दम तोड़ चुकी है. अगर कुछ खास मुहल्लों के घरों तक पानी पहुंची भी है तो उससे नाली का गंदा पानी निकलता है. जो पीने योग्य नहीं रहता है. इस व्यवस्था से आजिज लोगों ने अपना निजी बोरिंग तक करा लिया है. लेकिन सरकारी आकड़े के अनुसार, आज भी लोगों के घरों में पीएचइडी की ओर से सात लाख लीटर पानी प्रतिदिन सप्लाई की जाती है.
स्टैंड पोस्ट हुए अतिक्रमण के शिकार
पीएचइडी के जलापूर्ति योजना से वर्षो पहले लगभग शहर के विभिन्न चौक-चौराहों पर 50 से ज्यादा स्टैंड पोस्ट स्थापित की गयी थी. स्टैंड पोस्ट अब अतीत की बातें हो गयी है. अधिकांश जगहों पर लोगों पर स्टैंड पोस्ट को अतिक्रमित कर लिया है. अब उसे ढूंढ़ना भी मुश्किल हो गया है.
चापाकल के भरोसे नप की जलापूर्ति योजना
नप ने शहरी क्षेत्र में जलापूर्ति योजना के लिए सिर्फ वार्डो चापाकल लगवाया है. नगर प्रबंधक दीपक कुमार तिवारी ने बताया कि प्रत्येक वार्ड में इस वित्तीय वर्ष तीन-तीन चापाकल लगाया गया है. 25 हजार की लागत से दो चापाकल व 50 हजार की लागत से एक तारा पंप सभी वार्ड में हाल में लगाया गया है. पाइप लाइन सेवा को नये सिरे से सुचारु करने के लिए पीएचइडी विभाग को पैसा उपलब्ध करा दिया गया है.
