हंगामे के 24 घंटे बाद दोनों गुटों ने नहीं दिया शिकायत पत्र
बगहा : दिन बुधवार. दोपहर के 12 बज रहे थे. बगहा एक प्रखंड के सीडीपीओ कार्यालय के बाहर दर्जनों लोग खड़े थे.कुछेक अंदर में भी जाकर खाली पड़ी कुर्सियों पर झपकी ले रहे थे. सीडीपीओ के कक्ष में बड़ा सा ताला लटक रहा था. बताया गया कि जिला में कोई बैठक है, उसमें शामिल होने के लिए गये हैं. जबकि हाल हीं में पदस्थापित प्रधान सहायक की कुर्सी भी खाली थी. प्रधान सहायक रामबाबू प्रसाद के बारे में किसी ने कोई जानकारी नहीं दी. कार्यालय से स्थानांतरित सांख्यिकी सहायक सह प्रधान लिपिक सोहन प्रसाद आये थे. काफी जदोजहद के बाद वे प्रभार देने के लिए आये हैं. वे प्रभार देने के लिए पंजी तैयार कर रहे थे.
कार्यालय में सांख्यिकी सहायक आनंद कुमार संचिका का निष्पादन कर रहे थे. अनुसेवक विनय विश्वास वहीं कुर्सी लगा कर बैठा था. उल्लेखनीय है कि बीते माह श्री प्रसाद का स्थानांतरण हो गया था. लेकिन वे बगैर प्रभार दिये हीं चले गये थे. प्रभार नहीं मिलने के कारण कार्यालय का काम बाधित हो रहा था. इसको लेकर प्रभारी सीडीपीओ अरुण कुमार ने वरीय अधिकारियों को प्रतिवेदन भेजा था. उसके बाद श्री प्रसाद प्रभार देने के लिए आये हैं. हालांकि उनको सांख्यिकी सहायक और प्रधान लिपिक दोनों हीं प्रभार सौंपना है.
नहीं जुटी पर्यवेक्षिकाओं की भीड़
नियमित रूप से सीडीपीओ कार्यालय में हीं बैठकी जमाने वाली महिला पर्यवेक्षिकाएं बुधवार को दफ्तर में नहीं दिखीं. बताया गया कि मंगलवार को हुए विवाद के कारण प्रभारी सीडीपीओ ने सभी पर्यवेक्षिकाओं को अपने – अपने क्षेत्र में रहने का निर्देश दिया है. हालांकि उन्होंने इस आशय का अभी कोई लिखित आदेश निर्गत नहीं किया है.
मौखिक तौर पर महिला पर्यवेक्षिकाओं को क्षेत्र भ्रमण एवं केद्रों का अनुश्रवण करने का निर्देश दिया है.संभावना है कि कुछेक महिला पर्यवेक्षिकाएं दोपहर के बाद केंद्रों का अनुश्रवण कर दफ्तर में आयेंगी. उल्लेखनीय है कि दोहरा प्रभार होने के कारण प्रभारी सीडीपीओ अधिक वक्त इस दफ्तर में नहीं दे पाते हैं. इस वजह से दफ्तर में कतिपय महिला पर्यवेक्षिकाओं का हीं दबदबा रहता है. इससे पहले भी इस कार्यालय में कई बार विवाद हो चुका है. पूर्व के प्रधान लिपिक से भी इस दफ्तर में पंजी को लेकर विवाद हुआ था. वह मामला तत्कालीन एसडीएम के पास भी पहुंचा था.
आवेदिकाओं के परिजनों की भीड़
प्रखंड के विभिन्न आंगनबाड़ी केंद्रों पर सेविका और सहायिका की बहाली होनी है. इसको लेकर आवेदन भी पड़े हैं. दफ्तर के बाहर मेधा सूची चिपका दिया गया है. ऐसे में बहाली सुनिश्चित कराने के लिए अभ्यर्थियों के परिजन रोज दफ्तर का चक्कर लगा रहे हैं. वहां बिचौलिये भी सक्रिय हैं. हालांकि प्रभारी सीडीपीओ का कहना है कि बहाली की प्रक्रिया पूरी तरह से पारदर्शी ढंग से संपादित होगी. यहां कोई बिचौलिया सक्रिय नहीं है.
जबकि मानपुर मकरी पंचायत के तिवारी टोला अनुसूचित जन जाति बस्ती के निवासी राम दिनेश राम ने बताया कि उनकी पत्नी संध्या देवी ने आंगनबाड़ी केंद्र संख्या 265 के लिए आवेदन किया है. लेकिन एक महादलित की उम्मीदवारी रद्द करने की साजिश की जा रही है.
