रक्सौल. रेलवे द्वारा रक्सौल के समपार फाटक संख्या 33 ए पर स्वीकृत रेलवे ओवरब्रिज बिहार सरकार के एनओसी (नो ऑब्जेक्शन सर्टिफिकेट) के चक्कर में फंस गया है. इस कारण राशि का आवंटन होने के बाद इस दिशा में प्रक्रिया आगे नहीं बढ़ पा रही है. इसको लेकर शहर के प्रबुद्ध नागरिकों की बैठक कालीनगरी में पर्यावरणविद् डॉ प्रो अनिल कुमार सिन्हा की अध्यक्षता में हुई.
श्री सिन्हा ने कहा कि रक्सौल को महाजाम की समस्या से निजात दिलाने के लिए राहत भरी खबर थी कि रक्सौल में आरओबी बनेगा. लेकिन राशि आवंटन हो जाने के बाद बिहार सरकार से एनओसी नहीं मिलने के कारण काम में विलंब हो रहा है. उन्होंने कहा कि एनओसी नहीं देने के पीछे बिहार सरकार की गलत मानसिकता सामने आ रही है, जो कि रक्सौल की समस्याओं पर ध्यान भी नहीं देना चाह रही है.
इस दौरान निर्णय लिया गया कि बिहार सरकार अगर शीघ्र एनओसी नहीं देगी तो एक बार फिर रक्सौल की जनता सड़क पर उतरने के लिए बाध्य होगी और आंदोलन आरंभ किया जायेगा. मौके पर मनीष दूबे, महेश अग्रवाल, भरत प्रसाद गुप्त, राज कुमार गुप्ता, ई जितेंद्र कुमार, राजकिशोर राय, राकेश कुशवाहा, विकास कुमार, नारायण प्रसाद, सुरेश कुमार, संजय कुमार सिन्हा, अनिल रूगंटा, मनोज श्रीवास्तव, प्रो धनंनजय श्रीवास्तव, प्रो अजय मिश्र मौजूद थे.
