बगहा : धनहा थाना क्षेत्र के मधुआ पंचायत के बगहवा गांव की नाबालिग लड़की के साथ सामूहिक दुष्कर्म के मामले में एसपी शफीउल हक ने धनहा थाने के प्रभारी थानाध्यक्ष अनिल कुमार सिंह को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया है. साथ हीं इस मामले में त्वरित कार्रवाई के लिए एसडीपीओ ललित मोहन शर्मा को आवश्यक निर्देश दिया है. एसपी ने बताया कि सामूहिक दुष्कर्म जैसे गंभीर मामले में धनहा के प्रभारी थानाध्यक्ष ने वरीय अधिकारियों को कोई जानकारी नहीं दी थी.
प्रभात खबर में समाचार छपने के बाद इसकी जानकारी मुङो मिली. जब मैंने घटना की विस्तृत जानकारी लेने के लिए प्रभारी थानाध्यक्ष के सरकारी मोबाइल पर कॉल किया तो उनका मोबाइल स्वीच ऑफ मिला. जब एसपी ने इस मामले की तहकीकात की तो पता चला कि गैंग रेप जैसे गंभीर कांड सूचना मिलने के बावजूद प्रभारी थानाध्यक्ष स्वयं घटना स्थल पर नहीं गये. थाने में पदस्थापित एक जमादार को घटनास्थल पर भेज दिया. इस आरोप में उन्हें निलंबित किया गया है. साथ एक सप्ताह के अंदर स्पष्टीकरण का जवाब मांगा गया है.
दर्ज किया था सनहा
पीड़िता के परिजनों का आरोप है कि धनहा थाने के प्रभारी थानाध्यक्ष ने गैंग रेप जैसी घटना का सनहा दर्ज किया था. वे पीड़िता के आने के इंतजार में थे. जबकि पीड़िता गंभीर रुप से जख्मी है. वह यूपी के पडरौना के एक अस्पताल में भरती है. उसने आरोप लगाया कि अगर पुलिस सक्रिय हुई होती , तो गैंग रेप के तीनों आरोपित पकड़ लिये गये होते. अभी तीनों आरोपित अपना घर छोड़ कर फरार हो गये है. ऐसी सूचना मिली है कि वे तीनों पंजाब भागने की योजना बना रहे हैं.
क्या है पूरा मामला
धनहा थाना क्षेत्र के मधुआ पंचायत के बगहवा गांव की नाबालिग लड़की के साथ सामूहिक दुष्कर्म की घटना 27 मार्च की रात की है. पीड़िता शौच कर रात के करीब नौ बजे अकेली अपने घर लौट रही थी. पहले से घात लगाये तीन आरोपितों ने उसे पकड़ लिया और बंधक बना कर पूरी रात उसके साथ दुष्कर्म किये. पीड़िता जब बेहोश हो गयी तो आरोपित उसे मृत समझ कर छोड़ कर भाग गये.
पूरी रात पीड़िता सरेह में एक खेत में पड़ी रही. उधर, रात भर बेटी के घर से गायब रहने को लेकर उसके परिजन बेचैन थे. काफी खोज बीन की, तभी अहले सुबह खून से लथपथ पीड़िता अपने घर पहुंची और घटना की जानकारी दी. हालांकि परिजनों के पास पहुंचते हीं वह बेहोश हो गयी. आनन फानन में उसे इलाज के लिए यूपी के पड़रौना ले जाया गया. इस संबंध में पीड़िता के पिता ने अपने गांव के हीं तीन युवक मुन्ना यादव, राधेश्याम यादव व बंधन साह के खिलाफ थाने में आवेदन दिया था.
नगर थानेदार समेत तीन को निंदन की सजा
बगहा. कांड दर्ज करने में विलंब करने के आरोप में नगर थानाध्यक्ष समेत तीन पुलिस अधिकारियों को एसपी ने निंदन की सजा देते हुए अंतिम चेतावनी दिया है. एसपी शफीउल हक ने बताया कि एसडीपीओ कार्यालय में एक महिला सिपाही निर्मला कार्यरत है.
विभिन्न कार्यालयों से अभिलेख एसडीपीओ कार्यालय में जाते है. उन्हें संचिका बद्ध करने की जवाबदेही निर्मला की है. लेकिन निर्मला काफी विलंब से कार्य निष्पादित करती है. इस वजह से उन्हें निंदन की सजा देते हुए चेतावनी दिया गया है कि नियमित रुप से संचिका का निष्पादन करें. उधर, नगर थानाध्यक्ष एवं चौतरवा के थानेदार को भी एसपी ने निंदन का सजा दिया है. उन्होंने बताया दोनों थानेदार प्राथमिकी दर्ज करने में अनावश्यक रुप से विलंब करते हैं.
