छह दिन के अंदर राजद्योढ़ी में स्थित दुकानों पर धमकी भरा पत्र मंगलवार को फिर चिपकाया गया है. चार फरवरी का मात्र दो दुकानों पर चिपकाया गया है. जबकि 10 फरवरी को 13 दुकानों पर चिपकाया गया है. पत्र में करीब-करीब एक ही तरह की बात लिखी गयी है. पुलिस जहां शरारती तत्वों की कारगुजारी मान रही है, वहीं दुकानदार व उनके परिजन आने वाले अज्ञात मुसीबत से सहमे हुए हैं.
बेतिया : छह दिनों के अंदर दूसरी बार मंगलवार को राजद्योढ़ी में अवस्थित दुकानों पर धमकी पत्र चिपका मिला. पहली बार तो सिर्फ दो दुकानों को टारगेट बना कर पत्र चिपकाया गया था, लेकिन दूसरी बार 13 दुकानों पर धमकी पत्र चिपका कर अपराधियों ने अपने इरादे को जाहिर कर दिया है. हालांकि चार फरवरी व आज के दिन चिपकाये गये पत्रों की लिखावट से साबित हो गया है, कि किसी एक हीं आदमी के द्वारा ऐसा किया गया है.
आखिर धमकी पत्र चिपकाने का क्या उद्देश्य है? धमकी पत्र चिपका अल्टीमेटम तो अपराधी नहीं दें रहे हैं. वहीं इन पत्रों के बाद दुकानदार व उनके परिजन आने वाले अज्ञात मुसीबत से सहमे हुए हैं. हालांकि पुलिस दोनों मामले को शरारती तत्वों की कारगुजारी मान कर चल रही है. अब सवाल यह उठता है कि शरारती तत्वों की कारगुजारी होती, तो एक बार हीं ऐसा कर शांत हो जाते है.
राज की जमीन विवाद भी हो सकता है कारण
राजद्योढ़ी परिसर में पूर्व से अवस्थित दुकान को लेकर राज की जमीन विवाद भी माना जा रहा है. दुकानदारों में दहशत व भय पैदा कर जमीन खाली कराने की भी योजना हो सकती है. पुलिस भी दूसरी बार हुई धमकी पत्र चिपकाने की मामले को दबी जुबान राज की भूमि विवाद मान रही है.
क्या है मजमून
चार फरवरी को ज्योति फर्नीचर व मोहम्मद हाशिम के फर्नीचर के दुकानों पर चिपकाये गये धमकी पत्र में लिखा गया था कि तुन लोग दुकान में कुछ नहीं रखो. दुकान खाली कर दो. दुकान में रहने की कोशिश मत करो. अगर ऐसा करते हो,तो तुम्हें व तुम्हारे परिवार वालों को खत्म कर दिया जायेगा.
10 फरवरी को 13 दुकानों पर धमकी पत्र चिपकाया गया है. पत्र में लिखा गया है कि तुम लोग अखबार व पुलिस को बताते हो. अपने भाई, बहन, बेटा, बेटी को बचा लो. सबका बाप ह्यदेवराज. इतना हीं नहीं दुकान खाली करने व उसमें समान नहीं रखने की भी धमकी दी गयी है.
कहते हैं अधिकारी
राजद्योढ़ी स्थित दुकानों पर धमकी पत्र चिपकाना शरारती तत्वों की कारगुजारी लग रही है. दुकानदारों की किसी से अदावत नहीं है. हालांकि मामले की जांच की जा रही है.
रामानंद कुमार कौशल, सदर एसडीपीओ, बेतिया.
