नरकटियागंज : विकास के घर लौटते ही सारा शहर उसको देखने के लिए उसके घर पहुंच गया है. मां चंदा देवी, दादी रामसती देवी तथा विकास की चाची रीता देवी ने अपने बेटे को पकड़ कर रोने लगी. सभी के आंखों में खुशी के आंसू थे. विकास की बहन एवं मां ने विकास को मिठाई खिलायी. जिस दिन विकास घर से निकला था.
वह बिना खाना खाये चला गया था. विकास के घर लौटने पर उसके मित्रों ने आतिश बाजियां भी की. पिता कृष्णा प्रसाद ने बताया कि जिस दिन से इसका अपहरण हुआ है. उस दिन से इसकी मां ने व्रत रखा हुआ है.
विकास ने घर आकर बताया कि रात भर अपराधियों ने पैदल चलाया तथा खाने को चिउड़ा-मिठ्ठा दे रहे थे. हमेशा एक जगह से दूसरे जगह पैदल चलाते रहे. घर पहुंचकर विकास ने खुद अपने हाथों से अपनी मां को खाना खिलाया.
