थानाध्यक्ष ने बिना साक्ष्य के गिरफ्तारी वारंट के लिए दिया था आवेदन
बेतिया : बिना साक्ष्य के न्यायालय में वारंट के लिए आवेदन देना नौतन थानाध्यक्ष युसूफ असारी को महंगा पड़ा. सीजेएम आर के पांडेय ने इसे गंभीरता से लेते हुए नौतन थानाध्यक्ष को न्यायालय में सदेह उपस्थित होकर स्पष्टीकरण देने का आदेश दिया है.
बताया जाता है कि नौतन थाना कांड संख्या 46/13 के अप्राथमिकी अभियुक्त डैनमरवा के बसीम खा के विरुद्ध नौतन थानाध्यक्ष ने न्यायालय से गिरफ्तारी वारंट प्राप्त करने के लिए आवेदन दिया था. आवेदन के साथ उन्होंने कांड डायरी की छाया प्रति भी संलग्न की थी. यह मुकदमा धूमनगर नौतन के मुखिया पति गोरख पासवान ने दर्ज कराया था.
जिसमें उन्होंने ने आरोप लगाया था कि 22 फरवरी 2013 को उसके मोबाइल पर दूसरे मोबाइल न. 8298376948 से फोन कर मोबाइल धारक ने पांच लाख रुपया रंगदारी की मांग की थी. रुपया नहीं देने पर उसे जान मारने की धमकी भी दी थी. इसी मामले में अप्राथमिकी अभियुक्त बसीम खां के विरुद्ध गिरफ्तारी वारंट प्राप्त करने के लिए थानाध्यक्ष ने आवेदन दिया था. लेकिन सुनवाई के दौरान सीजेएम ने पाया कि कांड दैनिकी में बसीम खां के विरुद्ध कोई साक्ष्य नहीं है. उसके बाद सीजेएम ने नौतन थानाध्यक्ष से स्पष्टीकरण मांगते हुए कोर्ट में सदेह उपस्थित होने का आदेश दिया है.
