बेतिया : व्यवसायी के कर्मी को गोली मारकर 15 लाख लूट कांड में न्यायिक हिरासत में भेजे गए के तीन अपराधियों को पुलिस रिमांड पर लेने की तैयारी में है. इसके लिए अर्जी भी न्यायालय में दे दी गई है. पुलिस गिरफ्तार किए गए मुकेश कुमार सोनी, अभिमन्यु सिंह व बिट्टू उर्फ शशिकांत कुमार से घटना में शामिल अन्य अपराधियों के बारे में पूछताछ करेगी.
लूट की रकम भी बरामद नहीं हो सकी है उसके लिए भी पुलिस इन अपराधियों से मिली सूचनाओं के सहारे छापेमारी करेगी. गिरफ्तार किए गए तीनों अपराधियों ने अपनी गिरफ्तारी के समय पुलिस को कुछ जानकारियां दी थी. लेकिन इससे पुलिस को अन्य अपराधियों को पकड़ने में कोई सफलता हासिल नहीं हुई.
19 नवंबर को जब पुरानी गुदरी स्थित मुकेश कुमार सोनी के आवास पर छापेमारी की गयी थी. तब मुकेश से घटना में अभिमन्यु सिंह व बिट्टू की भागीदारी के बारे में कई जानकारियां मिली थी. वही शंकर सिंह व रंजन सिंह का नाम भी पुलिस के सामने आया था. हालांकि पुलिस इनको अभी तक गिरफ्तार नहीं कर सकी है. मुकेश ने पुलिस को बताया था कि मुकेश, अभिमन्यु व बिट्टू तीनों पुलिस के डर से छुपने के लिए बगहा के पटखौली जाने की तैयारी में थे.
मुकेश ने बताया कि घटना को अंजाम देने वाला रंजन सिंह उर्फ मामा का घर पटखौली में है. उसने लूट की घटना के लिए शंकर सिंह को उत्तर प्रदेश से बुलाया था. शंकर सिंह अपने कुछ साथियों के साथ आया और 11 नवंबर को सब ने मिलकर छोटा रमना के व्यवसाय प्रदीप केशान के कर्मी राहुल वर्णवाल से गोली मारकर 15 लाख रुपये की लूट की थी. घटना के बाद पैसे को सुरक्षित रखने के लिए रंजन व शंकर अपने साथियों के साथ गोरखपुर के लिए निकल गए.
वहीं पकड़े गए तीनों अपराधियों ने हरिवाटिका चैक होते हुए सरिस्वा मझौलिया में जाकर शरण ली. मुकेश ने बताया कि घटना के पूर्व रंजन सिंह, शंकर सिंह, अभिमन्यु के कहने पर बानुछापर स्थित बिट्टू के घर पर रुके थे. बिट्टू व अभिमन्यु ने लाइनर का काम किया था. वही घटना में प्रयुक्त दो बाईकों में एक बाइक चलाने की बात मुकेश ने स्वीकारी. जबकि बाइक का इंतजाम रंजन सिंह ने किया था.
घटना के समय पहने गए दो हेलमेट मुकेश ने अपने घर के बिछावन के बॉक्स में छुपा कर रखा था. जिसे पुलिस ने बरामद कर लिया था. वही मुकेश ने पुलिस को यह भी जानकारी दी कि अगर इसी समय पटखौली बगहा में छापेमारी की जाए तो शंकर सिंह व रंजन सिंह उर्फ मामा को गिरफ्तार किया जा सकता है. लेकिन पुलिस रंजन सिंह और शंकर सिंह को गिरफ्तार करने में नाकाम रही. इन तीनों अपराधियों को रिमांड पर लेकर और भी सुराग बटोरने की फिराक में है.
जिससे शंकर सिंह, रंजन सिंह व घटना में शामिल अन्य अपराधियों को पकड़ा जा सके. बता दें कि इन अपराधियों ने मिलकर बैंक भेजे जा रहे हैं पैसे को लूट लिया था. इसके बाद से पुलिस लगातार इनकी तलाश कर रही है. घटना में शामिल चार बदमाशों में केवल एक मुकेश कुमार सोनी अब तक पुलिस के हत्थे चढ़ा है. जबकि अन्य तीन अपराधी अभी भी फरार हैं.
यहां तक कि अभी यह भी स्पष्ट नहीं हो सका है कि घटना में कुल कितने लोग शामिल थे. ना ही पैसे की बरामदगी ही की गई है. पुलिस अपराधियों को रिमांड पर लेने के बाद इस केस का नए सिरे से अनुशंधान करेगी. यह भी बता दें कि रंजन सिंह उर्फ मामा पहले भी हत्या, लूट व हथियार के कई मामलों में शामिल रह चुका है. यूपी पुलिस ने दो बार इसे गिरफ्तार भी किया है.
