गौनाहा : थाना क्षेत्र के परसा सिसई गांव से पूरब दक्षिण सरेह में मंगलवार को सुबह 6 बजे खेत घूमने गये किसान रामजी यादव पर खेत में छिपी बाघिन ने हमला बोल दिया. हालांकि किसी तरह किसान ने भागकर अपनी जान बचायी. इसकी खबर मिलते ही ग्रामीणों में भय का महौल पैदा हो गया. वैसे […]
By Prabhat Khabar Digital Desk | Updated at :
गौनाहा : थाना क्षेत्र के परसा सिसई गांव से पूरब दक्षिण सरेह में मंगलवार को सुबह 6 बजे खेत घूमने गये किसान रामजी यादव पर खेत में छिपी बाघिन ने हमला बोल दिया. हालांकि किसी तरह किसान ने भागकर अपनी जान बचायी. इसकी खबर मिलते ही ग्रामीणों में भय का महौल पैदा हो गया.
वैसे कई माह से इस क्षेत्र में बाघिन व उसके शावकों के चहलकदमी से ग्रामीण पूर्व से ही काफी खौफजदा हैं. उनका खेत-खलिहान घूमना भी बंद है. आये दिन गांव के किसान बाघिन की गर्जना सुनते हैं. लेकिन अब तक बाघिन को जंगल तक पहुंचाने में वन विभाग के पदाधिकारी व कर्मी सफल नहीं हो सके हैं.
इस घटना की जानकारी देते हुए किसान रामजी यादव ने बताया कि सुबह के 6 बजे वह अपने खेत घूमने सिसई हाईस्कूल से दक्षिण सरेह में गये थे. जैसे ही वे खेत की मेढ़ पर खड़ा होकर अपने धान की फसल का मुआयना कर रहे थे. इसी बीच गन्ने के खेत में छिपी बाघिन ने गर्जन करते हुए उस पर हमला बोल दिया. किसान चिल्लाते हुए भागा और गन्ने के खेत में घुस गया. वहीं धीरे-धीरे किसी तरह अपनी जान बचाकर अपने गांव में पहुंच गया. गांव पहुंचकर गांव के लोगों से आपबीती घटना सुनाई. ग्रामीण संजय यादव, झोंटिल यादव, जय प्रकाश पासवान, डोमा पासवान, ललन पासवान, सरोज यादव, ढोड़ा यादव, कपिल चौधरी, सुगिया देवी, सुनीता देवी, लक्ष्मी देवी आदि ने बताया कि एक साल से इस इलाके में अपने शावकों के साथ बाघिन ने डेरा डाली हैं. वह घटना पर घटना करती रही है.
उसके भय से हम ग्रामीणों को खेत-खलियान जाना और मवेशी चराने जाना दुश्वार हो गया है. ग्रामीणों का आरोप है कि इसकी सूचना वन विभाग लगातार दी जाती रही है. लेकिन किसी भी वन कर्मी के कान पर जूं नहीं रेंगता है. जबकि पूरे इलाके में कई बार बाघ निकलने की सूचना से इलाके की जनता दहशतपूर्ण महौल में जिन्दगी जी रही है.