बाघिन ने गाय को मार डाला जान बचा कर भागे चरवाहे

सेरवा घाट के पास बाधिन ने मचाया आतंक, किसानों का खेत-खलिहान जाना बंद गौनाहा : थाना क्षेत्र के सेरवा घाट के पास अपने शावकों के साथ रह रही बाघिन का आतंक इस कदर बढ़ गया है कि लोगों के अंदर भय का माहौल कायम हो गया है. इस बाघिन ने बुधवार को परसा गांव के […]

सेरवा घाट के पास बाधिन ने मचाया आतंक, किसानों का खेत-खलिहान जाना बंद

गौनाहा : थाना क्षेत्र के सेरवा घाट के पास अपने शावकों के साथ रह रही बाघिन का आतंक इस कदर बढ़ गया है कि लोगों के अंदर भय का माहौल कायम हो गया है. इस बाघिन ने बुधवार को परसा गांव के ढोड़ा यादव के गाय को मारकर खा गयी. हालांकि गाय को बचाने के प्रयास में लगा चरवाहा किसी तरह जान बचाकर भागने में कामयाब हो गया.
इसकी जानकारी खुद पीड़ित ढोड़ा यादव ने दी. उन्होंने बताया कि सुबह में कुछ चरवाहों के साथ वे अपना गाय चराने गये थे. इसी क्रम में सेरवा घाट के पास बाघिन ने गाय पर झपटा मार दी, बाघिन को देखते ही सभी गाय-भैंस भागने लगी. यह देख सभी चरवाहे शोर मचाने लगे. तब तक पशुओं के झुंड से एक गाय जैसे ही भागकर अलग हुई, उस पर हमला बोलते हुए बाघिन ने उसे मार डाला.
यह देख सभी चरवाहे पशुओं को लेकर भागने लगे. वही गाय को बाघिन से बचाने के प्रयास में बाल-बाल चरवाहे की जान बची. बता दें कि पूरे एक साल से बाघिन ने सेरवा घाट के पास 21 नंबी गन्ने के प्लॉट में अपना रैन बसेरा बना लिया है.
ग्रामीणों की मानें तो सिसई हाईस्कूल से सेरवा, पहकौल, कौवाहा, असुरारी, बैरटवा गांव तक बाघिन का आतंक छाया हुआ है. बाघिन अपने शावकों के साथ चार से पांच किलोमीटर की दूरी तक चहलकदमी करती रहती है. इस क्रम में बाघिन एक न एक नीलगाय या किसी पालतू जानवर या ग्रामीण को अपना शिकार बनाती रहती है. बाघिन के आतंक से आसपास के लोगों को खेत खलिहान जाना मुश्किल हो गया है. इस मामले में वन विभाग के रेंजर को फोन करने पर उनका फोन बंद पाया गया.

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