बेतिया : साठी थाने में दर्ज कथित दुष्कर्म मामले में कर्तव्य में लापरवाही बरतने के आरोप में आखिरकार नरकटियागंज के एसडीपीओ भी निलंबित कर दिये गये हैं. उनके निलंबन की कार्रवाई की अधिसूचना राज्य के गृह विभाग आरक्षी शाखा ने जारी किया है.
जारी आदेश में सरकार के अपर सचिव ईश्वर चंद्र सिंहा ने उनके निलंबन अवधि में मुख्यालय पुलिस महानिरीक्षक कार्यालय तिरहुत प्रक्षेत्र मुजफ्फरपुर बताया है. साथ हीं एसडीपीओ श्री अहमद के विरुद्ध विभागीय कार्रवाई अलग से संचालित की जायेगी. विदित हो कि जिस मामले में एसडीपीओ श्री अहमद को निलंबित किया गया है उस मामले में पूर्व से हीं साठी थाना कांड संख्या 162/18 धारा 376,420,468 भादवि के अनुसंधानकर्ता पुअनि विनोद कुमार एवं सिपाही कृष्णा कुमार निलंबित हो चुके हैं.
बताते है कि साठी थाने में कोर्ट परिवाद के आधार पर थाना क्षेत्र की एक पीड़िता ने मुम्बई निवासी जरार शेरखर को अभियुक्त बनाया था. आरोप है कि इस मामले में बिना घटनास्थल पर गये और वादी के बयान लिये एसडीपीओ ने पर्यवेक्षण टिप्पणी जारी किया था और आरोपी पर मामले को सत्य करार देते हुए उसे गिरफ्तार करने का आदेश दिया था.
इधर किसी प्रभाव में आकर अनुसंधानकर्ता ने अपने सहयोगी पुलिस जवान के साथ जाकर आरोपी को महाराष्ट्र से गिरफ्तार कर बेतिया लाया और न्यायिक अभिरक्षा में जेल भेज दिया. बाद में जब मामला वरीय पदाधिकारियों तक पहुंचा तो सबके कान खड़े हुए. पुलिस अधीक्षक, पुलिस महानिरीक्षक ने भी मामले कीजांच की और पुलिसिया कार्रवाई में लापरवाही व कर्तव्यहीनता का मामला बताया था.
पुलिस अधीक्षक ने कर्तव्यहीनता एवं संदिग्ध आचरण सामने आने पर सबसे पहले तत्काल प्रभाव से कांड के अनुसंधानकर्ता दारोगा विनोद कुमार एवं महाराष्ट्र जाकर कथित आरोपी को गिरफ्तार कर लाने में सहयोग करनेवाले सिपाही कृष्णा कुमार को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया था. बताते है कि पुलिस महानिरीक्षक तिरहुत प्रक्षेत्र के प्रतिवेदन के आधार पर हीं राज्य सरकार ने इसी मामले में नरकटियागंज के एसडीपीओ को निलंबित किया है.
