बेतिया : उतर बिहार में जारी एईएस के कहर के बीच बेतिया में भी चमकी बुखार का एक मरीज पाया गया है. इसकी पुष्टि गर्वनमेंट मेडिकल कालेज के प्राचार्य डाॅ. विनोद प्रसाद ने भी की है. अस्पताल में भर्ती पीड़ित बच्चे की पहचान पहाड़पुर थाना क्षेत्र के नोनेया निवासी चोकट मांझी के छह वर्षीय पुत्र […]
By Prabhat Khabar Digital Desk | Updated at :
बेतिया : उतर बिहार में जारी एईएस के कहर के बीच बेतिया में भी चमकी बुखार का एक मरीज पाया गया है. इसकी पुष्टि गर्वनमेंट मेडिकल कालेज के प्राचार्य डाॅ. विनोद प्रसाद ने भी की है. अस्पताल में भर्ती पीड़ित बच्चे की पहचान पहाड़पुर थाना क्षेत्र के नोनेया निवासी चोकट मांझी के छह वर्षीय पुत्र बलवीर कुमार के रूप में हुई है.
बालक को इलाज के लिए गवर्नमेंट मेडिकल कॉलेज अस्पताल में भर्ती कराया गया है. जहां डॉक्टरों की टीम द्वारा बालक का इलाज किया जा रहा है. अस्पताल में ड्यूटी पर तैनात चिकित्सक डा. वीरेंद्र कुमार ने बताया कि बच्चे में चमकी बुखार का लक्षण पाया गया है . इसका इलाज किया जा रहा है .
बनाया गया अलग वार्ड : जीएमसीएच के प्राचार्य डॉ विनोद प्रसाद ने बताया कि चमकी बुखार की संभावना को देखते हुए एमजेके अस्पताल में पांच बेड का अलग वार्ड बना दिया गया है. इस वार्ड में तीन डॉक्टरों को तैनाती की गई है. बच्चों को इलाज में किसी प्रकार से लापरवाही नहीं हो इसके लिए कॉलेज प्रशासन की ओर से पूरा प्रयास किया जा रहा है. देखरेख के लिए अस्पताल के उपाधीक्षक डॉ श्रीकांत दुबे को लगाया गया है. चोकट माझी ने बताया कि बालवीर को 10 दिन से बुखार लग रहा था. गांव में ही इलाज कराया जा रहा था . लेकिन सुधार नहीं होने पर बेहतर इलाज के लिए सरकारी अस्पताल में लाया गया.
जहां डॉक्टरों ने चमकी बुखार बता कर इलाज शुरू किया हैं. सिविल सर्जन डाॅ. अरुण कुमार सिन्हा ने बताया कि बच्चों की देखरेख के लिए जिला प्रतिरक्षण पदाधिकारी डाॅ. किरण शंकर झा के नेतृत्व में टीम का गठन किया गया है. प्राचार्य द्वारा एएनएम की मांग की गई है. जल्द ही अस्पताल को एएनएम उपलब्ध करा दी जाएगी. सिविल सर्जन ने बताया कि जिले के सभी पीएचसी प्रभारियों को भी अलर्ट किया गया है. यदि कहीं भी इस तरह के मरीज पाये जाते है तो उसका बेहतर इलाज सुनिश्चित करने का भी निर्देश दिया गया है.