एक दिन पहले ही टीम ने गड्ढा खोद कर शुरू किया काम
बेतिया : उत्तरवारी पोखरा पर नगर परिषद की अपनी भूमि पर करीब एक वर्ष से जारी अतिक्रमण डीएम की पहल पर मजिस्ट्रेट की तैनाती के एक दिन पूर्व ही हटा दिया गया. साथ ही वर्षों से बाधित जलमीनार का कार्य सभापति गरिमा देवी सिकारिया के नेतृत्व में पदाधिकारियों ने मंगलवार को आरंभ करा दिया.
हालांकि इस दौरान नप की टीम को अतिक्रमणकारियों के भारी विरोध का सामना करना पड़ा. लेकिन वे डीएम की सख्त तेवर और जारी निर्देश के आगे ज्यादा देर तक टिक नहीं सके और पीछे हटने में ही अपनी भलाई समझीनगर परिषद सभापति सभापति गरिमा देवी सिकारिया ने बताया कि एक वर्ष से अतिक्रमणकारी नगर परिषद की 98 करोड़ की महात्वकांक्षी जल नल योजना के अंतर्गत जलमीनार के कार्य में व्यवधान उत्पन्न कर रहे थे.
इस बीच जिला पदाधिकारी ने उत्तरवारी पोखरा के जलमीनार के निर्माण स्थल के निरीक्षण के दौरान 11 जून को ही कार्य शुरू करने के आदेश जारी किया. इसके आलोक में अतिक्रमण हटाने के क्रम में अतिक्रमणकारियों के भारी विरोध के बावजूद गड्ढा खोदने का कार्य एक दिन पहले ही शुरू करा दिया गया.
जबकि मजिस्ट्रेट एवं पुलिस बल को यह कार्य करने के लिए 12 जून के लिए आदेशित था. कार्य शुरू करने के लिए वहां के पुजारिन एवं स्थानीय लोगों के विरोध करने पर नगर परिषद कनीय अभियंता सुजय सुमन ने किसी भी तरह दावे के कागजात के प्रस्तुतिकरण की मांग की. अन्यथा सरकारी कार्य को अवरुद्ध करने पर डीएम के आदेश के आलोक में एफआइआर कर गिरफ्तार कर जेल भेजने की कार्यवाही शुरू करने के लिए कहा. इसके बाद जाकर अतिक्रमणकारी वहां से हट गये.
नप सभापति गरिमा देवी सिकारिया, बुडको के सहायक अभियंता सुबोध कुमार, नगर परिषद के कनीय अभियंता सुजय सुमन, बुडको के कनीय अभियंता मनीष कुमार, अमरूत योजना के सिविल इंजीनियर मनोज कुमार की मौजूदगी में निर्माण कार्य शुरू किया गया. सभापति ने इस कार्य की सफलता को लेकर डीएम के प्रति आभार प्रकट किया. कहा कि शहर के सभी घरों में नल द्वारा जल की आपूर्ति वाले इस योजना की गति अब तेज होगी.
