सिर पर थी भगवा गमछे की पगड़ी और ''कमल'' की तरह खिल रहे थे समर्थकों के चेहरे

मोतिहारी : सुबह करीब आठ बजे थे. हरि की चाय दुकान पर लोगों का जुटान होने लगा था. वैसे दुकान तो बंद थी, लेकिन बेंच पर बैठे लोगों के बीच प्रत्याशियों के हार-जीत के आकलन पर बहस जारी था. देखते ही देखते दुकान पर अच्छी भीड़ इकठ्ठी हो गयी. कुछ लोग बहस में मशगुल थे […]

मोतिहारी : सुबह करीब आठ बजे थे. हरि की चाय दुकान पर लोगों का जुटान होने लगा था. वैसे दुकान तो बंद थी, लेकिन बेंच पर बैठे लोगों के बीच प्रत्याशियों के हार-जीत के आकलन पर बहस जारी था. देखते ही देखते दुकान पर अच्छी भीड़ इकठ्ठी हो गयी. कुछ लोग बहस में मशगुल थे तो कुछ की नजरें मोबाइल पर टिकी थी.

करीब दस बजे मतगणना हॉल से खबर आयी कि पूर्वी चंपारण व शिवहर के भाजपा प्रत्याशी अपने प्रतिद्वंदी से आगे है, अधिकांश लोगों ने सिर पर भगवा गमछे की पगड़ी बांध ली. जैसे-जैसे मतों का अंतर बढ़ रहा था, भगवा समर्थकों के चेहरे कमल की तरह खिलने लगे.

चाय की दुकान से लेकर भाजपा कार्यालय तक जश्न मनने लगा. दोपहर बाद करीब तीन बजे से भगवा गमछे की पगड़ीधारी लोग सड़कों जिंदाबाद के नारे लगाने लगे. जीत की खबर सुन गांव-गवाई से भी युवा की कौन कहे बुजुर्ग लोग भी बाइक व साइकिल से भाजपा कार्यालय पहुंच जीत के मतों का अंदर एक दुसरे से पूछ रहे थे. समर्थक अपने सांसद का एक पलक देखने को उत्सुक थे.

सांसद भी लोगों की भवना को देखते हुए लोगों से मिले. उन्होंने समर्थकों को आश्वस्त किया कि जीत का अंतर पिछले सारे रिकॉर्ड तोड़ देगा, आपलोग इतमिनान रखिए. बस क्या था सांसद की बातें सुन लोगों ने हर-हर मोदी के नारे लगाये. लोगों के जुबान पर एक ही बात आती थी कि, यह चुनाव जात-पात से उठकर था. लोग इस चुनाव को राष्ट्रवाद व राष्ट्रहित का मुद्दा बनाकर मतदान किया है. रुझान के दौरान लोग टेलीविजन पर एकटकी लगाये हुए थे.

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By Prabhat Khabar Digital Desk

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