गौनाहा : प्रखंड के किसानों के लिए गन्ना की फसल परेशानी का कारण बन गया है. इधर हरिनगर शुगर मिल बंद होने की खबर सुन किसानों में अफरातफरी मची है. किसानों का कहना है कि गौनाहा प्रखंड के बेलसंडी, मेहनौल, डरौल, महुई, मटियारिया पंचायत हरिनगर चीनी मिल के रिजर्व क्षेत्र में पड़ते हैं और इधर मिल बंद होने की अंतिम तिथि 22 अप्रैल को निर्धारित कर दी गयी है.
परेशानी के सबब बने खेतों में खड़े गन्ने
गौनाहा : प्रखंड के किसानों के लिए गन्ना की फसल परेशानी का कारण बन गया है. इधर हरिनगर शुगर मिल बंद होने की खबर सुन किसानों में अफरातफरी मची है. किसानों का कहना है कि गौनाहा प्रखंड के बेलसंडी, मेहनौल, डरौल, महुई, मटियारिया पंचायत हरिनगर चीनी मिल के रिजर्व क्षेत्र में पड़ते हैं और इधर […]

जबकि किसानों के पास गन्ना का खड़ी फसल देखकर यह अनुमान लगाया जा रहा है कि निर्धारित तिथि तक किसी भी परिस्थिति में गन्ना की चीनी मिल में सप्लाई करना संभव नहीं दिख रहा है.
विदित हो कि वर्ष 2018-2019 के सत्र में गन्ना पेराई का सीजन 14 नवंबर 2018 को शुरू हो गया था. इसके बावजूद भी अब तक काफी किसानों के पास सामान्य प्रभेद के गन्ना खेतों में खड़े हैं. जबकि पिछले साल की उपेक्षा इस साल का सीजन एक महीना पूर्व से ही शुरू कर दी गयी थी.
चीनी मिल के ईख प्रबंधक एवं ईख विकास पदाधिकारी, सीडीओ अभय झा, सेंटर इंचार्ज रविंद्र शर्मा, सेंट्रल सुपरवाइजर जुगल यादव किसानों के खेतों में लगातार जा-जा कर गन्ना आपूर्ति करने को कह रहे हैं. वहीं गन्ना आपूर्ति करने में असमर्थ किसानों को हरिनगर चीनी मिल के द्वारा ट्रैक्टर-ट्रेलर लेबर कॉस्ट के लिए नकद राशि का प्रबंध करा रहे हैं.
फिर भी कम समय होने से किसान बेहद परेशान हैं. क्षेत्र के किसान भिखारी यादव, शेख आरिफ, आलमगीर अंसारी, मैनेजर यादव, पुनदेव यादव आदि का कहना हैं कि यह काम जो मिल प्रबंधन द्वारा आज किया जा रहा है. यदि समय से केवल चालान की आपूर्ति करा दी गयी होती तो हम किसानों को यह दिन देखना नहीं पड़ता.