सिकटा की घटना, कई बाल मजदूर बाजार की दुकान छोड़कर हो गए फरार, देखती रह गयी टीम
मुक्त बाल मजदूरों को बाल सुधार गृह भेजने की कवायद शुरू
सिकटा : श्रम प्रवर्तन पदाधिकारी ने बाल मजदूरी पर शिकंजा कसते हुए स्थानीय बाजार के विभिन्न दुकानों में मंगलवार को छापेमारी कर 3 बाल मजदूरों को मुक्त कराया है. साथ ही अधिकारियों की टीम ने बाल मजदूरी करा रहे तीन व्यक्तियों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज करने की कार्रवाई शुरू कर दी है.
मिली जानकारी के अनुसार एकाएक टीम के अधिकारियों ने छापेमारी कर विजय कुमार की दुकान से बाल मजदूर आकाश कुमार, रतन प्रसाद की दुकान से प्रिंस कुमार और प्रदीप चौरसिया की दुकान से बिशाल कुमार को हिरासत में लिया है. अधिकारियों की इस कार्रवाई से स्थानीय बाजार में हड़कंप मचा रहा. हालांकि कई दुकानों के बाल मजदूर दुकान छोड़कर फरार हो गए और अधिकारियों की दल देखते रह गई. श्रम प्रवर्तन पदाधिकारी सत्येंद्र कुमार ठाकुर ने बताया कि बाल मजदूरी कानूनन अपराध है. उन्होंने कहा कि किसी भी सूरतेहाल में बाल मजदूरी बर्दाश्त नहीं की जाएगी. दुकानदार सचेत हो जाएं और अपने-अपने दुकानों से बाल मजदूरों को अविलंब हटा दें. अन्यथा छापेमारी की स्थिति में कड़ी कार्रवाई की जाएगी.
यह अभियान चलता रहेगा. उधर थानाध्यक्ष विमलेंदु कुमार ने इसकी जानकारी देते हुए बताया कि श्रम प्रवर्तन पदाधिकारी के आवेदन पर अग्रेतर कार्रवाई की जा रही है. 3 बाल मजदूरों को पकड़ा गया है. अग्रेतर कार्रवाई के बाद इनको बाल सुधार गृह में भेजा जाएगा. यहां बता दें कि सीमावर्ती क्षेत्र के विभिन्न कस्बाई बाजारों में लगभग 200 से अधिक बाल मजदूर दुकानों में काम कर रहे हैं और उनके मालिक आर्थिक, शारीरिक और मानसिक शोषण कर रहे हैं.
