Bihar: कौन है वो एसपी जिनका नाम सुन कांपने लगते हैं क्रिमिनल्स, बिहार के इस जिले में हुई पोस्टिंग तो खुश हुए लोग

Bihar IPS Officer Transferred: बिहार सरकार ने गुरुवार को 13 जिलों के पुलिस अधीक्षक (SP) समेत भारतीय पुलिस सेवा (IPS) के कुल 29 अधिकारियों का स्थानांतरण एवं पदस्थापना कर दिया. बिहार में अपराध के बढ़ते ग्राफ पर लगाम लगाने के लिए सरकार ने यह कदम उठाया.

Bihar IPS Officer Transferred: रोहित शेट्ठी के निर्देशन में बनी सिंघम फिल्म में एक डायलॉग है, ‘अगर पुलिस अपना काम ईमानदारी से करेगी तो क्रिमिनल्स अपराध करना तो दूर किसी मंदिर के सामने से चप्पल भी नहीं चुरा पायेगा.’ बिहार में अगले वर्ष चुनाव है और इनदिनों यहां लॉ एंड आर्डर की स्थिति कुछ चरमरा सी गई है. नेता विपक्ष तेजस्वी यादव बिहार में हो रही आपराधिक घटनाओं की लिस्ट सोशल मीडिया पर शेयर कर सीएम नीतीश कुमार और मौजूदा एनडीए सरकार को घेरते हैं. इसी बीच बिहार सरकार ने गुरुवार को बड़ी संख्या में पुलिस अधिकारियों का तबादला कर दिया. पूर्वी चंपारण में अपराध पर लगाम लगाने की जिम्मेदारी नए पुलिस अधीक्षक और स्वर्ण प्रभात को दी गई है जो ईमानदार छवि के लिए मशहूर हैं. इससे पहले वो गोपालगंज में एसपी और मुजफ्फरपुर में सिटी एसपी के पद पर काम कर चुके हैं. दोनों ही जगह उन्होंने अपराधियों की बोलती बंद कर दी थी. क्रिमिनल्स उनके नाम से थरथर कांपने लगते थे. जब तक इन जिलों में वो तैनात रहे, भूमि माफिया, शराब माफिया और बालू माफिया सब शांत हो गये थे. लेकिन अब मोतिहारी में उन्हें अलग चुनौतियों से निपटना होगा. स्वर्ण प्रभात की पोस्टिंग होने से मोतिहारी के लोगों में ख़ुशी का माहौल है. सिंघम फिल्म का वो डायलॉग एसपी स्वर्ण प्रभात के वर्किंग स्टाइल पर पूरी तरह फीट बैठता है.

मोतिहारी में इन चुनौतियों से निपटना होगा

एसपी स्वर्ण प्रभात को मोतिहारी में अलग तरह की चुनौतियों का सामना करना पड़ेगा. उनके सामने मादक पदार्थ की तस्करी रोकने, जमीन माफिया, बालू माफिया और शराब माफिया पर लगाम लगाने जैसे चैलेंज होगा. यहां मादक पदार्थ तस्करी और भू-माफियाओं के बोलबाला के साथ-साथ लंबी चौड़ी क्रिमिनल्स की लिस्ट है, इन पर लगाम लगाना नए एसपी के लिए बड़ी चुनौती होगी.

स्वर्ण प्रभात की सबसे खास बात यह है कि वो बिल्कुल शांत रहकर सभी चुनौतियों को हराने की काबिलियत रखते हैं. जिलाधिकारी के साथ-साथ इन्हें पुलिस प्रसाशन और विधि व्यवस्था में तालमेल बिठाकर अपने खुफिया तंत्र को मजबूत करना होगा, क्योंकि मोतिहारी से सटे नेपाल बॉर्डर होने के कारण बड़ी संख्या में तस्कर जाली नोट और अफीम गांजा की तस्करी करते हैं.

गोपालगंज में अपराधी मांगते थे पनाह

स्वर्ण प्रभात जब गोपालगंज के एसपी थे तब अपराधी उनसे पनाह मांगते थे. असामाजिक तत्वों में गजब का खौफ था और इन्होने बड़े-बड़े शराब माफियाओं को जेल भेजने का भी काम किया. स्वर्ण प्रभात 2017 बैच, बिहार कैडर के आईपीएस अधिकारी हैं और भोजपुर से ताल्लुक रखते हैं. इन्होंने 105 रैंक के साथ यूपीएससी की परीक्षा पास की थी. इसके पिता का नाम कौशलेश कुमार सिन्हा और माता का नाम ललिता देवी है. यूपीएससी क्वालीफाई करने से पहले वो आइआइटीयन थे.

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Author: Paritosh Shahi

परितोष शाही पिछले 4 वर्षों से डिजिटल मीडिया और पत्रकारिता में सक्रिय हैं. उन्होंने अपने करियर की शुरुआत राजस्थान पत्रिका से की और वर्तमान में प्रभात खबर डिजिटल की बिहार टीम का हिस्सा हैं. राजनीति, सिनेमा और खेल, विशेषकर क्रिकेट में उनकी गहरी रुचि है. जटिल खबरों को सरल भाषा में पाठकों तक पहुंचाना और बदलते न्यूज माहौल में तेजी से काम करना उनकी विशेषता है. परितोष शाही ने पत्रकारिता की पढ़ाई बनारस हिंदू यूनिवर्सिटी (BHU) से की. पढ़ाई के दौरान ही पत्रकारिता की बारीकियों को समझना शुरू कर दिया था. खबरों को देखने, समझने और लोगों तक सही तरीके से पहुंचाने की सोच ने शुरुआत से ही इस क्षेत्र की ओर आकर्षित किया. पत्रकारिता में करियर की पहली बड़ी शुरुआत बिहार विधानसभा चुनाव 2020 के दौरान हुई, जब उन्होंने जन की बात के साथ इंटर्नशिप की. इस दौरान बिहार के 26 जिलों में जाकर सर्वे किया. यह अनुभव काफी खास रहा, क्योंकि यहां जमीनी स्तर पर राजनीति, जनता के मुद्दों और चुनावी माहौल को बहुत करीब से समझा. इसी अनुभव ने राजनीतिक समझ को और मजबूत बनाया. इसके बाद राजस्थान पत्रिका में 3 महीने की इंटर्नशिप की. यहां खबर लिखने की असली दुनिया को करीब से जाना. महज एक महीने के अंदर ही रियल टाइम न्यूज लिखने लगे. इस दौरान सीखा कि तेजी के साथ-साथ खबर की सटीकता कितनी जरूरी होती है. राजस्थान पत्रिका ने उनके अंदर एक मजबूत डिजिटल पत्रकार की नींव रखी. पत्रकारिता के सफर में आगे बढ़ते हुए पटना के जनता जंक्शन न्यूज पोर्टल में वीडियो प्रोड्यूसर के रूप में भी काम किया. यहां कैमरे के सामने बोलना, प्रेजेंटेशन देना और वीडियो कंटेंट की बारीकियां सीखीं. करीब 6 महीने के इस अनुभव ने कैमरा फ्रेंडली बनाया और ऑन-स्क्रीन प्रेजेंस को मजबूत किया. 1 अप्रैल 2023 को राजस्थान पत्रिका को प्रोफेशनल तौर पर ज्वाइन किया. यहां 17 महीने में कई बड़े चुनावी कवरेज में अहम भूमिका निभाई. लोकसभा चुनाव 2024 में नेशनल टीम के साथ जिम्मेदारी संभालने का मौका मिला. इसके अलावा मध्य प्रदेश, राजस्थान और छत्तीसगढ़ विधानसभा चुनाव के दौरान भी स्टेट टीम के साथ मिलकर काम किया. इस दौरान चुनावी रणनीति, राजनीतिक घटनाक्रम और बड़े मुद्दों पर काम करने का व्यापक अनुभव मिला. फिलहाल परितोष शाही प्रभात खबर डिजिटल बिहार टीम के साथ जुड़े हुए हैं. यहां बिहार विधानसभा चुनाव के दौरान कई बड़ी खबरों को रियल टाइम में ब्रेक किया, ग्राउंड से जुड़े मुद्दों पर खबरें लिखीं और वीडियो भी बनाए. बिहार चुनाव के दौरान कई जिलों में गांव- गांव घूम कर लोगों की समस्या को जाना-समझा और उनके मुद्दे को जन प्रतिनिधियों तक पहुंचाया. उनकी कोशिश हमेशा यही रहती है कि पाठकों और दर्शकों तक सबसे पहले, सही और असरदार खबर पहुंचे. पत्रकारिता में लक्ष्य लगातार सीखते रहना, खुद को बेहतर बनाना और भरोसेमंद पत्रकार के रूप में अपनी पहचान मजबूत करना है.

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