आशा का भुगतान नहीं होना भी
कारण -हेपेटाइटिस बी व सी का कीट नहीं होना बाधक
मोतिहारी : बंध्याकरण का ग्राफ दिन प्रतिदिन गिरता जा रहा है. इसके कई कारण हैं. पहला कारण आशा का समय से भुगतान न होना, दूसरा जांच के लिए कई कीट का अस्पताल में न होना है. वर्ष 2016 में 774 महिलाओं का बंध्याकरण हुआ. वहीं 2017 में 712 महिलाओं का बंध्याकरण हुआ.
2018 में यह ग्राफ गिरकर 566 तक पहुंच गया. अब 2019 समाप्ति की ओर है. महज 100 महिलाओं का ही बंध्याकरण हुआ है. इसके पीछे कारण बताया जा रहा है कि पिछले तीन साल से आशा का भुगतान नहीं हो पाया है, जिससे आशा ढंग से काम नहीं कर पाती है. आशा रेखा देवी, मीरा देवी, दुर्गावती देवी, शबनम खातून, पूनम देवी सहित अन्य ने कहा कि पिछले तीन साल से भुगतान नहीं हुआ है. उल्लेखनीय है कि बंध्याकरण के एक मरीज लाने में आशा को 300 रुपया प्रोत्साहन राशि दी जाती है.
