जाम में फंसी अधिकारियों की गाड़ी

रक्सौल : इंडो नेपाल सीमा समन्वय समिति में भाग लेने जा रहे तीन जिलों के वरीय अधिकारियों को मुख्य पथ पर स्थित रेलवे क्रॉसिंग पर ओवरब्रिज न होने का खामियाजा भुगतना पड़ा. ज्ञात हो कि गुरुवार को वरीय पदाधिकारियों का काफिला जब नेपाल की ओर जा रहा था उसी समय रेलवे ढाला बंद था. जिससे […]

रक्सौल : इंडो नेपाल सीमा समन्वय समिति में भाग लेने जा रहे तीन जिलों के वरीय अधिकारियों को मुख्य पथ पर स्थित रेलवे क्रॉसिंग पर ओवरब्रिज न होने का खामियाजा भुगतना पड़ा. ज्ञात हो कि गुरुवार को वरीय पदाधिकारियों का काफिला जब नेपाल की ओर जा रहा था उसी समय रेलवे ढाला बंद था. जिससे होकर माला गाड़ी रेलवे स्टेशन की ओर जा रही थी. ढाला के दोनों तरफ गाड़ियों व लोगों की काफी भीड़ जमा हो गयी थी. इसी वक्त अधिकारियों का काफिला वहां से गुजरने को हुआ.

लेकिन ढाला बंद होने व ढाला खुलने के बाद जाम के कारण अधिकारियों को करीब 30 मिनट तक रुके रहना पड़ा. इसी दौरान रक्सौल थानाध्यक्ष स्वयं कभी गुमटी मैन के पास दौड़ रहे थे तो कभी जवानों को भीड़ हटाने को लेकर झिड़क रहे थे. आम लोगों को यह कहते सुना गया कि आज जब अधिकारी स्वयं इसका खामियाजा भुगते है तो उन्हें रेलवे ओवरब्रिज की महता समझ आयी होगी. जिसे आम जन रोज भुगतने को बाध्य है. ज्ञात हो कि रेलवे ढाला प्रतिदिन करीब 12 से अधिक बंद रहता है. जबकि इस पर ओवर ब्रिज बनाने का एनओसी आजतक बिहार सरकार द्वारा नहीं दी गयी है. इस क्रम में पूरा अनुमंडल पुलिस प्रशासन जाम हटाने को लेकर बेचैन रहा.

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