आंदोलन समाप्त कराने के दौरान अधिकारियों ने किया था वादा नहीं होगी एफआइआर

60-70 अज्ञात लोगों के विरुद्ध भी दर्ज हुआ है मामला रक्सौल : 17 मई को मुख्य पथ में ट्रक से हुये र्दुघटना के बाद आक्रोशित लोगों ने एनएच जाम कर शहर से ट्रकों के परिचालन बंद करने के लिए आंदोलन किया था. इस मामले में पुलिस ने आंदोलन कर रहे लोगों पर सरकारी कार्य में […]

60-70 अज्ञात लोगों के विरुद्ध

भी दर्ज हुआ है मामला
रक्सौल : 17 मई को मुख्य पथ में ट्रक से हुये र्दुघटना के बाद आक्रोशित लोगों ने एनएच जाम कर शहर से ट्रकों के परिचालन बंद करने के लिए आंदोलन किया था.
इस मामले में पुलिस ने आंदोलन कर रहे लोगों पर सरकारी कार्य में बाधा उत्पन्न करने की धारा के अंतर्गत प्राथमिकी दर्ज की गयी है. थानाध्यक्ष उग्रनाथ झा ने बताया कि दर्ज प्राथमिकी में सात लोगों को नामजद अभियुक्त बनाया गया है, तो 60-70 लोगों को अज्ञात अभियुक्त बनाया गया है. जिन लोगों को अभियुक्त बनाया गया है उसमें क्रमश: भाजपा व्यवसायिक प्रकोष्ठ के अध्यक्ष महेश अग्रवाल, ग्राम स्वराज मंच के अध्यक्ष रमेश सिंह, भाजपा किसान मोर्चा के अध्यक्ष अरविंद सिंह, वार्ड पार्षद प्रेमचंद्र कुशवाहा, कांग्रेस नेता रामबाबू यादव, भाजपा नेत्री पूर्णिमा भारती व जदयू नेता अशोक साह का शामिल है.
ज्ञात हो कि 17 मई को शुरू हुआ आंदोलन 18 मई के शाम तक जारी था. जिसके बाद अधिकारियों के पहल से आंदोलन समाप्त किया गया. जिसमें आश्वासन दिया गया कि कंटेनर को छोड़कर बाकी सभी वाहन आइसीपी से होकर गुजरेगें और शहर में जाम की समस्या उत्पन्न नहीं होने दिया जायेगा. अधिकारियो से वार्ता के दौरान अधिकारियों ने आश्वास्त किया था कि आंदोलन समाप्त होने की स्थिति में प्राथमिकी दर्ज नहीं की जायेगी. ऐसा माना जा रहा है कि 24 घंटा से अधिक आंदोलन होने के कारण आंदोलनकारियों पर पहले ही प्राथमिकी दर्ज कर ली गयी लेकिन पुलिस व प्राथमिकी दर्ज कराने वाले दंडाधिकारी सीओ हेमेंद्र कुमार लगातार प्राथमिकी दर्ज होने की बात से इंकार करते रहे.
उग्रनाथ झा, इंस्पेक्टर रक्सौल : आंदोलन 24 घंटे से अधिक चला था. मजिस्ट्रेट ने आवेदन दिया और एफआइआर दर्ज किया गया. कांड में एक भी निर्दोष लोगों को नहीं फंसाया जायेगा और वीडियो देखने के उपरांत जो लोग मंच पर मौजूद थे या भाषण दिये अज्ञात लोगों की श्रेणी में पहचान कर उन्हें ही शामिल किया जायेगा.
अरविंद कुमार सिंह, भाजपा किसान मोर्चा के अध्यक्ष : आंदोलन के एक दिन बाद वे शाम के 6 बजे से 11 बजे तक थानाध्यक्ष के कक्ष में था. उस दिन से लेकर बुधवार तक मैं लगातार थाना गया हूं. हर बार कहा गया है कि प्राथमिकी दर्ज नहीं की गयी है. यदि प्राथमिकी दर्ज की गयी थी तो मुझे गिरफ्तार क्यों नहीं किया गया.
रमेश कुमार सिंह, अध्यक्ष, ग्राम स्वराज मंच आदापुर : आंदोलनकारियों पर प्राथमिकी नहीं दर्ज किये जाने का पब्लिकली आश्वासन दिये जाने के बावजूद उसपर पर्दा डाला जाने से यह साबित हो रहा है कि साजिश के तहत कार्रवाई देर से की गयी है. इससे पहले भी कोइरीया टोला में दो लोगों की मौत के बाद जब आंदोलन हुआ था तो अधिकारियों ने लिखित समझौता करने के बाद एक सप्ताह बाद लोगों पर एफआइआर किया था.

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