आंधी का कहर, सात उपकेंद्रों में बिजली ठप, 18 घंटे तक ब्लैक आउट

मोतिहारी : पूर्वी चंपारण जिले के विभिन्न भागों में रविवार की देर रात बारिश के साथ आई आंधी से बिजली व्यवस्था चरमरा गयी है. पानी के लिए लोग चापाकल का सहारा ले रहे हैं. बिजली विभाग के अधिकारी व कर्मी पूरे दिन बिजली फॉल्ट खोजने में व्यस्त रहे. लेकिन सोमवार की शाम तक फॉल्ट नहीं […]

मोतिहारी : पूर्वी चंपारण जिले के विभिन्न भागों में रविवार की देर रात बारिश के साथ आई आंधी से बिजली व्यवस्था चरमरा गयी है. पानी के लिए लोग चापाकल का सहारा ले रहे हैं. बिजली विभाग के अधिकारी व कर्मी पूरे दिन बिजली फॉल्ट खोजने में व्यस्त रहे. लेकिन सोमवार की शाम तक फॉल्ट नहीं मिलने के कारण लोगों की परेशानी और बढ़ गयी. जेनेरेटर भी चलते-चलते काम करना बंद कर दिया.
जानकारी के अनुसार तेज आंधी के कारण शहर के प्रमुख उपकेंद्र बेलिसराय, चकिया, कोटवा, तुरकौलिया, चांदमारी, मधुबन, पकड़ीदयाल, ढाका, घोड़ासहन आदि इलाकों में बिजली व्यवस्था दोपहर करीब दो बजे तक ठप रही. बेलिसराय उपकेंद्र से जुड़े अगरवा, श्रीकृष्ण नगर, बेलबनवा, बेलिसराय, चांदमारी, सदर अस्पताल, नगर थाना, बापूधाम स्टेशन आदि इलाकों में बिजली देर शाम तक ठप रही. बताया जाता है कि बेलिसराय में एक फेज का फॉल्ट नहीं मिल रहा है. जिस कारण परेशानी हो रही है. कार्यपालक अभियंता प्रदीप कुमार ने बताया कि अधिकारियों के साथ कर्मियों को फॉल्ट खोजने के लिए लगाया गया है. फॉल्ट मिलते ही समस्या का समाधान कर दिया जायेगा. इधर ढाका के एसडीओ चंदन कुमार ने बताया कि आंधी से ढाका, घोड़ासहन, पकड़ीदयाल उपकेंद्र के कई इलाकों में बिजली ठप हो गयी थी. शिकारगंज कोहबरवा के पास तार टूटने से परेशानी हुई. लेकिन देर शाम तक सभी को ठीक कर आपूर्ति बहाल कर दी गयी.
करीब छह माह पहले मोतिहारी शहर सहित विभिन्न इलाकों में बिजली तार बदलने के लिए लगभग 20 करोड़ का प्रावधान किया गया था. उद्देश्य यह था कि गर्मी व बरसात में बिजली का तार नहीं टूटेगा. लेकिन आंधी-पानी के मौसम के शुरुआती दौर में ही आंधी के झोकों के साथ बिजली के नये तार भी टूट कर उलझ रहे हैं. ऐसे में तार की गुणवत्ता पर भी सवाल उठ रहा है.
आंधी से शहर के बेलबनवा, बेलिसराय, चांदमारी, सदर अस्पताली, रेलवे स्टेशन, कोटवा, चकिया, पीपरा, मधुबन, ढाका, शिकारगंज, कुशमहवा, भेलवा, सम्मनपुर, आदि इलाकों में बिजली ठप रही. इस तरह से करीब 18 घंटे इन इलाकों में ब्लैक आउट का नजारा रहा.
सड़क पर मुहल्लेवासियों ने की धनरोपनी
मोतिहारी. शहर में हल्की बारिश के साथ ही जलजमाव की समस्या उतपन्न हो गयी. रविवार की रात से सुबह तक हुई बारिश से जनजीवन अस्त-व्यस्त हो गया है. कई मुहल्लों में जलजमाव की स्थिति बनी हुई है. एक दशक पुराने शहर की जलजमाव समस्या को लेकर कोई ठोस कदम नहीं उठाया जाना कई सवाल खड़े कर रहे हैं. सोमवार को जलजमाव से नाराज चांदमारी दुर्गा मंदिर रोड में मुहल्लावासियों ने सड़क पर रोपनी कर नप प्रशासन के खिलाफ विरोध जताया. मुहल्लेवासियों में रामानंद श्रीवास्तव, बार एसोसिएशन के चेयरमैन शेषनारायण कुंवर, चितरंजन सिंह, हेमंत कुमार श्रीवास्तव, सीपी सिंह, अधिवक्ता कमलेश सिंह, कामेश्वर बाबू, प्रो. मनीष कुमार श्रीवास्तव, प्रो. पीके गुप्ता सहित सिग्मा मैथमेटिक्स के छात्र सहित अन्य समस्या का समाधान नहीं होने से नाराज थे. कहा कि जलजमाव की समस्या से निजात नहीं मिला तो स्थानीय विधायक व सांसद का घेराव करेंगे.
निर्माण की राह देख रहा पथ
शहर के गायत्री नगर व श्रीकृष्णनगर मुहल्ला का बॉर्डर की एक वर्ष पुरानी सड़क आज भी बदहाल है. डॉ सुरेंद्र कुमार क्लीनिक के समीप की यह गली हल्की बारिश में जलमग्न हो जाती है. जिससे मुहल्लेवासियों को घर से निकलना दुभर हो जाता है. वैसे इस गली के पहले व बाद की गली की सड़क पक्की बन गयी. लेकिन वोट की राजनीति के लिए उक्त सड़क को अपने हाल पर छोड़ दिया गया है.
सलाई फैक्ट्री पथ बना जानलेवा
छतौनी एनएच-28 से ढाका पथ को जोड़ने वाली सलाई फैक्ट्री पथ जलमग्न है. जलजमाव की समस्या को ले कई बार पहल हुई. बावजूद इसके निर्माण पर नप प्रशासन व जनप्रतिनिधियों ने ध्यान नहीं दिया. स्थिति यह है कि बारिश के बाद इस पथ से गुजरने वाले वाहन पर खतरा मंडराता है.

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