Caste Census के प्रथम फेज में मकानों पर नंबरिंग के साथ परिवारों को चिह्नित करने की प्रक्रिया शनिवार को पूरी हो गयी. जिला सांख्यिकी पदाधिकारी रणजीत कुमार सिन्हा ने बताया कि जिले में कुल 12.54 लाख परिवारों की जानकारी मिली है. इसको लेकर प्रोविजनल रिपोर्ट सरकार को भेज दी गयी है. फाइनल रिपोर्ट 25 जनवरी को भेजी जायेगी. सर्वेक्षण कार्य में कुल 11 हजार 158 प्रगणकों की ड्यूटी लगायी गयी थी. दूसरी तरफ, शनिवार को राज्य स्तरीय टीम जाति गणना को लेकर की गयी कार्रवाई से अवगत होने मुजफ्फरपुर पहुंची. टीम का नेतृत्व सामान्य प्रशासन विभाग के संयुक्त सचिव राम शंकर कर रहे थे.
कुढ़नी से शुरू हुआ निरीक्षण
कुढ़नी प्रखंड से निरीक्षण की शुरुआत हुई. इसके बाद टीम सीधे मुशहरी ब्लॉक की सुस्ता पंचायत के गांवों में पहुंची़ं जाति गणना में लगे सुपरवाइजर के साथ प्रगणकों से बातचीत कर मकान पर नंबरिंग के साथ परिवार का किये गये सर्वे की जानकारी ली. जानकारी से संतुष्ट होने के बाद टीम ने सीधे कच्ची पक्की होते हुए अघोरिया बाजार स्थित मुजफ्फरपुर नगर निगम क्षेत्र के वार्ड नंबर-30 में पहुंची. जेनिथ पेट्रोल पंप के पीछे के मोहल्ला में घूम कर लोगों से बातचीत करने के साथ ही संयुक्त सचिव ने प्रगणकों से भी कई तरह की जानकारी ली. इसके बाद टीम सीधे पटना लौट गयी. इस दौरान अपर नगर आयुक्त नंद किशोर चौधरी के अलावा कई निगम कर्मचारी मौजूद थे.
शहरी क्षेत्र में 77.67 हजार परिवार की मिली जानकारी
जाति गणना के हुए सर्वे में मुजफ्फरपुर नगर निगम क्षेत्र में कुल 77 हजार 673 परिवार होने की जानकारी मिली है. वहीं, कुल सर्वेक्षित मकानों पर नंबरिंग की गयी है. वह 61 हजार 677 है. सर्वे का कार्य पूर्ण होने के बाद जिला प्रशासन को इसकी रिपोर्ट तैयार कर नगर निगम ने भेज दिया है. हालांकि, मकानों की संख्या जिस अनुपात में बढ़ना चाहिए, वह नहीं बढ़ सकता है. निगम में जमा हो रहे होल्डिंग टैक्स के अनुसार अभी शहरी क्षेत्र में 61 हजार से अधिक होल्डिंग हैं.
