17 रोज पहले घर में सोये व्यक्ति की हत्या का नहीं हुआ पर्दाफाश, पुत्र ने लगायी एसपी से गुहार

गत 13 जून को राजपुर थाना क्षेत्र के खरगपुरा गांव में अपने घर के दरवाजे पर सोये विमलेश्वर तिवारी की धारदार हथियार से की गयी हत्या का पर्दाफाश अभी तक पुलिस नहीं कर पायी.

बक्सर. गत 13 जून को राजपुर थाना क्षेत्र के खरगपुरा गांव में अपने घर के दरवाजे पर सोये विमलेश्वर तिवारी की धारदार हथियार से की गयी हत्या का पर्दाफाश अभी तक पुलिस नहीं कर पायी. जिसे लेकर पुलिसिया कार्रवाई पर सवाल खड़ा हो रहा है. इधर मृतक का पुत्र रितेश तिवारी पुणे से घटना की जानकारी मिलते ही गांव पहुंचे और अभी तक हत्यारों की पहचान करने के लिए कभी एसपी तो कभी एसडीपीओ सदर के यहां न्याय की गुहार लगा रहे हैं. बुधवार को रितेश कुमार एसपी से मिलकर घटना में शामिल लोगों की पहचान करने की गुहार लगायी है. उनका आरोप है कि पुलिस इस मामले में उनका सहयोग नहीं कर रहा है. जबकि पुलिस को उपलब्ध कराए गए साक्ष्य में सीसीटीवी फुटेज में रात के अंधियारे में अपराधी भागते हुए नजर आ रहे हैं. इधर इस संबंध में पुलिस अधीक्षक ने कहा कि मामले की जांच करवा रहे हैं. शीघ्र ही उसका उद्भेन कर लिया जायेगा. गौरतलब है कि 13 जून को राजपुर थाना क्षेत्र के खरगपुरा गांव में अहले सुबह अज्ञात अपराधियों ने विमलेश्वर तिवारी पिता स्वर्गीय राजकिशोर तिवारी के सिर पर धारदार हथियार से हमला कर उसकी हत्या कर दी. वे अपने दरवाजे पर सो रहे थे.तभी अज्ञात अपराधियों ने उन पर किसी धारदार हथियार से हमला कर दिया.जिसमें यह खून से लथपथ होकर गिर पड़े.जहां आस-पास कोई नहीं था. जिससे किसी को कोई जानकारी नहीं मिली. सुबह होने के बाद उन्ही के परिवार का एक लड़का गोलू अपने पिता को किसी काम के लिए खोज रहा था. तभी रास्ते से गुजरते वक्त देखा कि वह घर के सीढ़ी वाले कमरे के बगल में खून से लथपथ पड़े हुए थे. खून के छींटे दीवार की कुछ ऊंचाई तक भी पड़ा हुआ है.जिसे देखते ही यह जोर-जोर से चिल्लाने लगा. इसकी आवाज सुनकर वहां ग्रामीणों की भीड़ इकट्ठा हो गयी. इसके बाद घटना की जानकारी मिलते पुलिस मौके पर पहुंची और शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया. मगर घटना के एक पखवारा बीत जाने के बाद भी अभी तक पोस्टमार्टम रिपोर्ट परिजनों को नहीं मिला. मृतक अकेले रहते थे घर पर : घटना के बाद ग्रामीणों ने बताया कि मृतक विमलेश्वर तिवारी के बड़े पुत्र रितेश कुमार पुणे में रहकर कोई काम करते हैं. उनके छोटे बेटे पंकज तिवारी महावीर स्थान में निजी स्कूल चलाते हैं. यह भी अपने परिवार के साथ बक्सर रहते हैं. पिछले कई महीनों से वे स्वयं अकेले रहकर ही खाना बनाकर रहते थे. घटना के बाद उनके छोटे पुत्र ने परिजनों के साथ पहुंचे तो इनका शव देखकर रो पड़े. परिजनों ने बताया कि इनका किसी से कोई विवाद नहीं था. उनकी हत्या एक जांच का विषय है. घटना के बाद गांव में भी शोक की लहर है.

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Published by: Amlesh prasad

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