मुंडन संस्कार के लिए गंगा घाटों पर उमड़ा जनसैलाब
शहर के रामरेखा घाट समेत अन्य गंगा तट रहे गुलजार, वाहनों की भीड़ से लगा जाम
बक्सर.
बच्चों की सलामती और सुखद भविष्य की कामना को लेकर बुधवार को शहर के विभिन्न गंगा घाटों पर मुंडन संस्कार की रस्म अदायगी हुई. धर्म नगरी में सुबह की पहली किरण के साथ ही उत्तर वाहिनी गंगा के तटों पर श्रद्धालुओं का जनसैलाब उमड़ना शुरू हुआ, तो यह सिलसिला दोपहर बाद तक जारी रही. इस क्रम में परंपरा और उल्लास के बीच सैकड़ों बच्चों के मुंडन की रस्म पूरी की गयी. इस दौरान रामरेखा घाट से लेकर नाथ बाबा घाट समेत अन्य घाट मंगल गीतों और सोहर की धुन से आबाद रहे. गाजे-बाजे के साथ मंगल गीत गाते महिलाओं की टोलियां घाटों पर पहुंचती रही थीं. महिलाएं पारंपरिक गीतों के माध्यम से बच्चों के दीर्घायु होने की कामना कर रही थी, उसी बीच पवित्र गंगा स्नान के बाद आचार्यों के सानिध्य में वैदिक विधि-विधान के साथ पूजन-अर्चन व मुंडन की रस्म अदा की गयी. भीड़ का अंदाजा इसी से लगाया जा सकता है कि रामरेखाघाट पर तिल रखने की जगह नहीं थी. मुख्य सड़कों से लेकर घाटों को जोड़ने वाले रास्ते तक में लंबी कतारें लगी रहीं. स्थिति को संभालने के लिए तैनात पुलिस बल को भारी मशक्कत करनी पड़ी. प्रमुख चौराहों पर भीड़ को नियंत्रित करने के लिए पुलिसकर्मी हांफते रहे.