निर्माणाधीन मेडिकल कॉलेज डुमरांव का डीएम ने किया निरीक्षण

गुरुवार को जिला पदाधिकारी बक्सर श्रीमती साहिला ने डुमरांव में निर्माणाधीन राजकीय चिकित्सा महाविद्यालय एवं अस्पताल का गहन निरीक्षण किया.

डुमरांव. गुरुवार को जिला पदाधिकारी बक्सर श्रीमती साहिला ने डुमरांव में निर्माणाधीन राजकीय चिकित्सा महाविद्यालय एवं अस्पताल का गहन निरीक्षण किया. निरीक्षण के दौरान डीएम ने निर्माण कार्यों की प्रगति, गुणवत्ता और समय-सीमा की बारीकी से समीक्षा की तथा परियोजना प्रबंधक बीएमएसआइसीएल को स्पष्ट निर्देश दिया कि सभी भवनों में त्वरित गति से कार्य कराते हुए निर्धारित अवधि के भीतर परियोजना को हर हाल में पूर्ण कराया जाए. उन्होंने कहा कि इस महत्वाकांक्षी परियोजना में किसी भी स्तर पर लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी. निरीक्षण के क्रम में डीएम ने अस्पताल ब्लॉक, मेडिकल कॉलेज भवन, छात्रावास, आवासीय परिसर और आधारभूत संरचनाओं के निर्माण कार्यों की स्थिति जानी. उन्होंने निर्माण एजेंसी को निर्देशित किया कि कार्यस्थल पर पर्याप्त संख्या में श्रमिकों और तकनीकी कर्मियों की तैनाती सुनिश्चित की जाए, ताकि कार्य की रफ्तार में तेजी लाई जा सके. साथ ही निर्माण की गुणवत्ता पर विशेष ध्यान देने की बात कही. भूकम्प प्रतिरोधी तकनीक से होगा अस्पताल : निर्माणाधीन मेडिकल कॉलेज परिसर में 500 शैय्या वाला अत्याधुनिक अस्पताल ब्लॉक तैयार किया जा रहा है, जो भूकम्प प्रतिरोधी प्रणाली से युक्त होगा. इसमें लीड रबर बियरिंग के साथ बेस आइसोलेशन तकनीक का उपयोग किया जा रहा है, जिससे प्राकृतिक आपदाओं के दौरान भी अस्पताल की संरचना सुरक्षित रहेगी. यह तकनीक राज्य के चुनिंदा बड़े प्रोजेक्ट्स में ही अपनाई जाती है. अस्पताल ब्लॉक में 11 मॉड्यूलर ऑपरेशन थिएटर का निर्माण किया जा रहा है. इसके साथ ही इमरजेंसी विभाग, ब्लड बैंक, आइसीयू, एनआइसीयू और पीआइसीयू जैसी अत्याधुनिक इकाइयां स्थापित होंगी, जिससे गंभीर मरीजों को जिले से बाहर रेफर करने की मजबूरी कम होगी. शिक्षा और आवास की भी समुचित व्यवस्था : मेडिकल कॉलेज में प्रति वर्ष 100 अभ्यर्थियों के नामांकन की क्षमता होगी, जिससे क्षेत्र के छात्रों को चिकित्सा शिक्षा के लिए बाहर जाने की आवश्यकता नहीं पड़ेगी. छात्रों, छात्राओं, नर्सों और प्रशिक्षुओं के लिए अलग-अलग छात्रावास ब्लॉक का निर्माण किया जा रहा है. वहीं संकाय सदस्यों और कर्मचारियों के लिए आवासीय ब्लॉक भी प्रस्तावित है, ताकि उन्हें परिसर के भीतर ही सभी सुविधाएं उपलब्ध हो सकें. मरीजों के परिजनों की सुविधा को ध्यान में रखते हुए 60 शैय्या क्षमता वाला धर्मशाला भवन भी बनाया जा रहा है, जहां दूर-दराज से आने वाले मरीजों के रिश्तेदार रात्रि विश्राम कर सकेंगे. डीएम ने कहा कि मेडिकल कॉलेज परिसर आवश्यक सेवाओं में पूरी तरह आत्मनिर्भर होगा. इसके अंतर्गत ऑन-साइट सीवेज ट्रीटमेंट प्लांट, जल उपचार संयंत्र, भूमिगत जल टैंक तथा विद्युत सबस्टेशन की व्यवस्था की जा रही है. इससे अस्पताल और कॉलेज को निर्बाध जल एवं बिजली आपूर्ति सुनिश्चित होगी. निरीक्षण के अंत में जिला पदाधिकारी ने स्पष्ट शब्दों में कहा कि मेडिकल कॉलेज डुमरांव न केवल बक्सर जिले बल्कि पूरे शाहाबाद क्षेत्र के लिए स्वास्थ्य और शिक्षा के क्षेत्र में मील का पत्थर साबित होगा. उन्होंने निर्माण एजेंसी को चेतावनी देते हुए कहा कि तय समय-सीमा में कार्य पूरा नहीं होने पर सख्त कार्रवाई की जायेगी.

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Published by: Amlesh prasad

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