वाहनों के दवाब से वीर कुंवर सिंह पुल के सामानांतर बने पुल बढ़ा टूटने का खतरा

पुल का अस्तित्व कभी भी समाप्त हो सकता है

बक्सर. वर्षों बाद जिले में गंगा पर वीर कुंवर सिंह पुल के सामानांतर बने नया पुल नगर वासियों के लिए जाम का अभिशाप बन गया है. यूपी के भरौली में जाम के कारण वीर कुंवर सिंह पुल के सामानांतर बने पुल पर भी खतरा बढ़ गया है. इसके खराब व क्षतिग्रस्त होने की संभावना से इन्कार नहीं किया जा सकता है. पुल का अस्तित्व कभी भी समाप्त हो सकता है. पुल का निर्माण रनिंग भार के आधार पर किया जाता है, जबकि इस पुल पर लगातार बालू लदे वाहन एक साथ काफी संख्या में एक ही जगह पर खड़ा रहते हैं. पुल पर घंटो काफी बालू लदे बड़े ट्रॉली ट्रक एक ही जगह पर खड़े रहते हैं. इससे पुल को खतरा उत्पन्न हो गया है. लगातार एक ही जगह पर भारी वाहनों के पुल पर खड़ा रहने से पुल का सस्पेंशन प्रभावित हो सकता है. जिससे पुल की गुणवत्ता प्रभावित हो जाएगी. ज्ञात हो कि उत्तर प्रदेश के भरौली गोलंबर पर वाहनों के खड़ा होने से जिले में एनएच-922 पर टॉल प्लाजा तक जाम की स्थिति कायम रहती है. भारी वाहनों के खड़ा होने से पुल पर संकट भरौली मे जाम के कारण भारी वाहनों व बालू लदे बड़े ट्रेलरों के पुल पर खड़ा होने से पुल के भविष्य पर खतरा मंडराने लगा है. भारी वाहनों के एक जगह पर काफी समय तक खड़ा होने से पुल का सस्पेंशन प्रभावित हो रहा है. जिससे पुल की गुणवत्ता प्रभावित हो रहा है. यदि स्थिति यही कायम रही तो कभी भी उत्तर प्रदेश से बक्सर होकर बिहार को जोड़ने वाली यह वीर कुंवर सिंह सेतु के सामानांतर बनी नई पुल दम तोड़ सकता है. जिला प्रशासन इस बड़ी समस्या को नजर अंदाज कर रहा है. पुल बनने के बाद काफी संख्या में बड़े वाहनों का संचालन शुरू है. जिसमें सर्वाधिक बालू लदे वाहनों का संचालन हो रहा है. भरौली में जाम के कारण वाहनों की पुल पर ही लंबी लाइन लग रही है. जिससे पुल का सस्पेंशन खराब होने की संभावना बढ़ गई है. प्रतिदिन काफी संख्या में पहुंच रहे है ट्रॉली वाहन पुल के संचालन के बाद प्रतिदिन काफी संख्या में वाहन उत्तर प्रदेश बालू लेकर जा रहे है. इस क्रम में जिले में एक बार फिर जाम की समस्या गोलंबर से एनएच पर कायम हो गई है. प्रतिदिन काफी संख्या में बड़े ट्रॉली ट्रक वीर कुंवर सिंह सेतु के सामानांतर बने पुल से संचालन हो रहा है. जिसके कारण गोलंबर टर्निंग प्वाइंट पर भी वाहनों का दबाव बढ़ गया है. कहते है कार्यपालक अभियंता पुलों का निर्माण रनिंग भार के आधार पर कराया जाता है. यदि पुल पर भारी वाहनों को एक जगह खड़ा किया जाएगा तो पुल की गुणवत्ता प्रभावित होगी. इससे पुल का सस्पेंशन एवं उसकी वहन क्षमता प्रभावित हो सकती है. जिससे पुल पर खतरा बढ़ जाता है. संजय कुमार कार्यपालक अभियंता पीडब्ल्यूडी बक्सर बक्सर से आशुतोष कुमार सिंह की रिपोर्ट

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By Dharmendra kumar

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