buxar news : छात्र-युवा आंदोलन के बाद सरकार के फैसलों को ऑल इंडिया स्टूडेंट्स एसोसिएशन (आइसा) और इंकलाबी नौजवान सभा (आरवाईए) ने आंदोलन की बड़ी सफलता बताया है. दोनों संगठनों ने कहा कि आंदोलनकारियों पर दर्ज सभी मुकदमे वापस होने तक उनका संघर्ष जारी रहेगा. साथ ही गिरफ्तार छात्र नेताओं की रिहाई की मांग करते हुए 30 जुलाई को बिहारभर में विरोध दिवस मनाने की घोषणा की गई है.
सरकार पर आंदोलन के दबाव में झुकने का दावा
पटना में आयोजित संयुक्त प्रेसवार्ता में आरवाईए के राष्ट्रीय अध्यक्ष डॉ. अजीत कुमार सिंह, शिवप्रकाश रंजन, जेएनयूएसयू के पूर्व अध्यक्ष नीतीश कुमार, सबीर कुमार सहित अन्य छात्र-युवा नेताओं ने कहा कि हालिया आंदोलन में शामिल छात्रों, युवाओं और आम जनता के समर्थन से सरकार को पीछे हटना पड़ा. उन्होंने कहा कि संघर्ष अभी समाप्त नहीं हुआ है और मुकदमे वापस होने तक आंदोलन जारी रहेगा.
पुलिस कार्रवाई पर उठाए सवाल
नेताओं ने बिहार बंद के बाद शुरू हुई कथित पुलिस कार्रवाई और छापेमारी की आलोचना की. उनका आरोप है कि सिवान और छपरा में भाकपा-माले के पूर्व विधायक अमरजीत कुशवाहा समेत आइसा और आरवाईए के कई नेताओं के घरों पर लगातार छापेमारी की जा रही है. उन्होंने सवाल उठाया कि यदि सरकार ने वार्ता के दौरान मुकदमे वापस लेने का आश्वासन दिया था, तो पुलिस कार्रवाई किसके निर्देश पर हो रही है.
गिरफ्तार नेताओं की रिहाई की मांग
प्रेसवार्ता में नेताओं ने पुलिस हिरासत में लिए गए सभी छात्र नेताओं और कार्यकर्ताओं की बिना शर्त रिहाई की मांग की. उन्होंने आरोप लगाया कि लोकतांत्रिक तरीके से अपनी बात रखने वाले छात्रों और युवाओं को जेल भेजकर आंदोलन को दबाने की कोशिश की जा रही है. प्रेसवार्ता में विधायक संदीप सौरभ, आइसा के राज्य अध्यक्ष धनंजय, राज्य सचिव दीपकर मिश्र, राज्य उपाध्यक्ष सबा आफरीन, माले के मीडिया प्रभारी कुमार दिव्यम, राजद नेता तेज प्रताप यादव और विधायक गौतम कृष्ण सहित अन्य नेताओं की गिरफ्तारी का विरोध किया गया.
27 जुलाई से बिहार दौरे पर रहेंगी नेहा बोरा
संगठनों ने बताया कि आइसा की राष्ट्रीय अध्यक्ष कॉमरेड नेहा बोरा 27 जुलाई से दो दिवसीय बिहार दौरे पर रहेंगी. इस दौरान वह जेल में बंद छात्र नेताओं और आंदोलनकारियों से मुलाकात करेंगी, पुलिस कार्रवाई में घायल छात्रों का हाल जानेंगी तथा विभिन्न छात्र संगठनों के साथ बैठक कर आंदोलन की आगामी रणनीति तय करेंगी.
30 जुलाई को बिहारभर में विरोध दिवस
आइसा और आरवाईए ने घोषणा की कि पुलिस कार्रवाई और गिरफ्तार छात्र नेताओं की रिहाई की मांग को लेकर 30 जुलाई को पूरे बिहार में विरोध दिवस मनाया जाएगा. इसके तहत विभिन्न जिलों में प्रदर्शन किए जाएंगे तथा पालीगंज विधानसभा क्षेत्र में चक्का जाम का भी कार्यक्रम प्रस्तावित है. संगठनों ने कहा कि यदि गिरफ्तार नेताओं की रिहाई और मुकदमों की वापसी नहीं हुई, तो आंदोलन को और व्यापक बनाया जाएगा.
