Buxar weather News : शनिवार को मौसम में बदलाव के बाद डुमरांव प्रखंड के विभिन्न इलाकों में हुई बारिश से किसानों के चेहरे पर एक बार फिर खुशी लौट आयी है. कहीं हल्की तो कहीं छिटपुट बारिश होने से खेतों में नमी बनी हुई है, जिससे धान की फसल को फायदा मिलने की उम्मीद है. रविवार की सुबह तक प्रखंड में कुल 2.6 एमएम बारिश दर्ज की गयी.
बारिश ने धान की फसल को दी राहत
किसान सलाहकार दिलीप कुमार शर्मा ने बताया कि शनिवार को डुमरांव प्रखंड के अलग-अलग क्षेत्रों में कहीं छिटपुट तो कहीं हल्की बारिश हुई. बारिश से खेतों में नमी बढ़ी है. मानसून की इस बारिश से सबसे अधिक राहत उन किसानों को मिली है, जिन्होंने धान की रोपनी पूरी कर ली है.
खेतों में पर्याप्त नमी रहने से किसानों को अब बार-बार सिंचाई करने की जरूरत नहीं पड़ेगी. इससे डीजल और सिंचाई पर होने वाले खर्च में भी कमी आने की उम्मीद है.
हरियाली बढ़ने से किसानों में बढ़ी उम्मीद
किसानों का कहना है कि पिछले कुछ दिनों से रुक-रुक कर हो रही बारिश से खेतों में हरियाली बढ़ गयी है. धान के पौधे तेजी से बढ़ रहे हैं. समय-समय पर बारिश होने से फसल की स्थिति भी बेहतर हो रही है.
कृषि समन्वयक राजीव रंजन ने बताया कि समय पर हुई बारिश से धान की रोपनी के बाद फसल को नुकसान की आशंका कम हुई है. बारिश से खेतों में बनी नमी पौधों के विकास के लिए अनुकूल है.
रोपनी का काम लगभग पूरा, अब सोहनी की तैयारी
कृषि समन्वयक के अनुसार डुमरांव प्रखंड में धान रोपनी का काम लगभग पूरा हो चुका है. अब कुछ दिनों में किसान सोहनी के काम में जुट जायेंगे. इस दौरान खेतों में उगे खरपतवार को हटाकर फसल की बेहतर देखभाल की जायेगी.
किसानों को उम्मीद है कि यदि इसी तरह समय-समय पर बारिश होती रही तो इस बार धान का उत्पादन अच्छा हो सकता है. किसानों का कहना है कि मौसम का साथ मिलता रहा तो सिंचाई के काम में भी काफी राहत मिलेगी और फसल की लागत कम करने में मदद मिलेगी.
