Buxar News: जिले के ब्रह्मपुर प्रखंड अंतर्गत रघुनाथपुर में निर्माणाधीन रेलवे ओवरब्रिज (ROB) के कार्यस्थल पर मजदूरों की सुरक्षा को ताक पर रखकर काम कराया जा रहा है. क्षेत्र के विकास के लिए महत्वपूर्ण माने जा रहे इस प्रोजेक्ट में संवेदक (ठेकेदार) और निर्माण एजेंसी की गंभीर लापरवाही सामने आई है. दर्जनों श्रमिक जमीन से कई फीट ऊपर बिना किसी लाइफ-सेविंग गियर (सुरक्षा उपकरण) के लोहे के जाल और कंक्रीट के ढांचे पर लटककर काम करने को मजबूर हैं, जिससे कभी भी बड़ा हादसा हो सकता है. निर्माण स्थल पर मौजूद परिस्थितियों ने संबंधित विभाग और निर्माण एजेंसी के सुरक्षा दावों की कलई खोलकर रख दी है.
सुरक्षा के दावे कागजी, हवा में लटक रहे मजदूर
निर्माण नियमों के तहत भारी इंफ्रास्ट्रक्चर प्रोजेक्ट्स में काम करने वाले प्रत्येक मजदूर को सेफ्टी हेलमेट, रिफ्लेक्टिव जैकेट, सेफ्टी जूते और ऊंचाई पर काम के लिए 'हार्नेस फॉल-प्रोटेक्शन बेल्ट' उपलब्ध कराना अनिवार्य है. रघुनाथपुर आरओबी के पिलरों पर चढ़कर सरिया बांध रहे मजदूरों के पास न तो सेफ्टी बेल्ट है और न ही सिर पर हेलमेट. ऊंचाई से फिसलने की स्थिति में जान बचाने के लिए कोई सेफ्टी नेट (सुरक्षा जाल) नहीं लगाया गया है. कार्यक्षेत्र की समुचित बैरिकेडिंग और घेराबंदी न होने से नीचे से गुजरने वाले वाहनों और आम नागरिकों पर भी भारी सामान या मलबा गिरने का जोखिम बना हुआ है.
सेफ्टी ऑडिट टीम नदारद
'भवन एवं अन्य निर्माण श्रमिक अधिनियम' तथा केंद्रीय श्रम एवं रोजगार मंत्रालय के दिशा-निर्देशों के अनुसार किसी भी बड़े निर्माण स्थल पर नियमित सेफ्टी ऑडिट अनिवार्य है. इसके बावजूद निर्माण एजेंसी नियमों की अनदेखी कर रही है. कार्यस्थल पर प्राथमिक चिकित्सा (फर्स्ट एड किट) और आपातकालीन एंबुलेंस की कोई व्यवस्था नहीं है. भारी क्रेन, अर्थमूवर और अन्य मशीनों के संचालन के दौरान भी श्रमिक बिना सुरक्षा कवच के उनके इर्द-गिर्द काम करते दिखे. उड़ती धूल और बिना बैरियर के चल रहे निर्माण कार्य से राहगीरों का आवागमन दूभर हो गया है.
ग्रामीणों ने जांच और कार्रवाई की उठाई मांग
स्थानीय ग्रामीणों का कहना है कि निर्माण कार्य में लंबे समय से सुरक्षा मानकों की अनदेखी की जा रही है. स्थानीय लोगों ने सवाल उठाया है कि क्या संबंधित विभाग किसी बड़े हादसे का इंतजार कर रहा है? ग्रामीणों ने जिला प्रशासन और रेलवे निर्माण विभाग से तत्काल कार्यस्थल की सुरक्षा जांच कराने तथा दोषी संवेदक पर कड़े कानूनी कदम उठाने की मांग की है.
