Buxar News: सदर अस्पताल के पैथोलॉजी लैब में कागज नहीं होने से मरीजों को परेशानी, नहीं मिल रहा है जांच रिपोर्ट

जिले के सदर अस्पताल में इमरजेंसी के दौरान मरीजों को हार्ड कॉपी के रूप में पैथोलॉजी लैब में जांच रिपोर्ट नहीं मिल पा रही है.

बक्सर. जिले के सदर अस्पताल में इमरजेंसी के दौरान मरीजों को हार्ड कॉपी के रूप में पैथोलॉजी लैब में जांच रिपोर्ट नहीं मिल पा रही है. यह समस्या पैथोलॉजी लैब में कागज नहीं हाेने के कारण हो रही है. सदर अस्पताल प्रबंधन से पैथोलॉजी विभाग को कागज उपलब्द्ध नहीं कराने के कारण समस्या आ रही है. जिसके कारण मारीजों व उनके परिजनों को बाहर से कागज खरीद कर लाना पड़ रहा है. जिसके कारण मरीजों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा हैै. जांच रिपोर्ट देने वाले कर्मियों ने मरीजों को जांच रिपोर्ट कागज के अभाव में देने से इंकार कर दिये. वहीं जांच रिपोर्ट दूसरे दिन देने की बात कहकर मरीजों को टाल देते है. ऐसे में मरीजों का इलाज भी प्रभावित हो रहा है. ज्ञात हो कि सदर अस्पताल को पेपरलेस बनाने की प्रक्रिया के तहत ऑनलाईन रजिस्ट्रेशन से दवा वितरण तक की प्रक्रिया पूरी हो रही है. दवा वितरण काउंटर पर ही दवा के साथ इलाज की पूर्जा तक मिलता है. इस बीच सदर अस्पताल के पैथोलॉजी लैब में अभी भी मरीजों को ऑनलाइन पूर्जे के आधार पर ब्लड जांच तो हो रहा है लेकिन जांच रिपोर्ट ए-फोर साइज के कागज पर दिया जाता है. लेकिन इस दौरान पैथोलॉजी लैब में मरीजों को जांच रिपोर्ट सदर अस्पताल देने में कागज के अभाव में असमर्थ साबित हो रहा है. स्थ्य सूत्रों की मानें तो पिछले कई दिनों से कागज नहीं होने से मरीजों को सदर अस्पताल के पैथोलॉजी केंद्र में जांच रिपोर्ट नहीं मिल रहा है. जांच रिपोर्ट के लिए मरीजों को ही बाहर से खरीद कर कागज लाने पर ही जांच रिपोर्ट मिल रहा है. जिले के बासुदेवा निवासी रमेश कुमार के पुत्र मनीष कुमार की तबीयत खराब थी. जिन्होंने पैथोलॉजी में जांच कराया. रिपोर्ट लेने गया तो रिपोर्ट देने से मना कर दिया गया. कहा गया कि पर्ची अस्पताल में नही है बाहर से पर्ची लाइएगा तो रिपोर्ट मिलेगा. वहीं वगेन गांव के पास स्थित भादा गांव निवासी रिंकु देवी के परिजन उमेश्वर शुक्ला को जांच रिपोर्ट लेने के लिए पहुंचने पर उन्हें दूसरे दिन पुर्जा के लिए आने को कहा गया. लेकिन जिला मुख्यालय से 40 किलोमीटर से ज्यादा दूरी तय कर अस्पताल पहुंचे मरीजों के परिजनों ने समस्या बताया तो उन्हें भी बाहर से कागज खरीद कर लाने को लेकर कहा गया. मरीज बाहर से तीन कागज खरीदकर लाया गया. जिसके बाद उन्हें जांच रिपोर्ट मिला. इस संंबंध में बक्सर सिविल सर्जन डॉ शिव कुमार प्रसाद चक्रवर्ती ने बताया कि यह गंभीर मामला है. इसकी जानकारी उन्हें नहीं है. इसकी जानकारी ली जा रही है. आवश्यक संबंधित कर्मियों पर कारवाई की जाएगी.

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