बक्सर जिला उपभोक्ता आयोग HDFC पर उपभोक्ता आयोग सख्त, सेवा में त्रुटि पर क्षतिपूर्ति का आदेश

जिला उपभोक्ता आयोग ने HDFC बैंक की सेवा में त्रुटि मानते हुए उपभोक्ता के पक्ष में फैसला सुनाया है. बैंक को 25 हजार रुपये क्षतिपूर्ति देने और तय समय में भुगतान न करने पर 8% वार्षिक ब्याज देने का आदेश दिया गया है. यह मामला दोपहिया वाहन लोन से जुड़ा है.

HDFC Consumer Commission Penalty : बक्सर जिला उपभोक्ता आयोग ने एक महत्वपूर्ण फैसले में एचडीएफसी की सेवा में त्रुटि मानते हुए उपभोक्ता के पक्ष में निर्णय सुनाया है. आयोग ने बैंक को 25 हजार रुपये क्षतिपूर्ति देने का आदेश दिया है. साथ ही तय समय में राशि का भुगतान नहीं होने पर 8 प्रतिशत वार्षिक ब्याज देने का भी निर्देश दिया गया है.

Buxar News : दोपहिया वाहन लोन से जुड़ा है मामला

मामला परिवाद पत्र संख्या 3/2022 से संबंधित है. ब्रह्मपुर निवासी दिलीप कुमार ने होंडा एक्टिवा 5G खरीदने के लिए एचडीएफसी से 60,839 रुपये का वाहन ऋण लिया था. एग्रीमेंट के अनुसार उन्हें हर माह 5,779 रुपये की किस्त जमा करनी थी.

बिना जानकारी बदल दी गई लोन की शर्ते

परिवादी के अनुसार वर्ष 2021 तक वह 52,011 रुपये जमा कर चुके थे और लगभग 8 हजार रुपये बकाया थे. इसी बीच उनके मोबाइल पर संदेश आया कि बैंक ने ऋण खाते को पुनर्निर्धारित कर 1,457 रुपये प्रतिमाह की दर से अगले दो वर्षों के लिए नया भुगतान कार्यक्रम लागू कर दिया है. परिवादी का आरोप था कि यह बदलाव उनकी जानकारी और सहमति के बिना किया गया, जिससे उन्हें अतिरिक्त राशि चुकानी पड़ती.

उपभोक्ता आयोग ने माना सेवा में दोष

मामले की सुनवाई के दौरान जिला उपभोक्ता आयोग ने बैंक की सेवा में गंभीर त्रुटि पाई. न्यायाधीश वेद प्रकाश सिंह और सदस्य राजीव सिंह की खंडपीठ ने एचडीएफसी को उपभोक्ता को 25 हजार रुपये क्षतिपूर्ति देने का आदेश दिया.

दो माह में भुगतान नहीं किया तो लगेगा ब्याज

आयोग ने अपने आदेश में स्पष्ट किया कि यदि विपक्षी दो माह के भीतर क्षतिपूर्ति राशि का भुगतान नहीं करता है, तो उसे 8 प्रतिशत वार्षिक ब्याज के साथ भुगतान करना होगा.


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By Vishnu dutta

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