Bihar Ration Card Tagging : बिहार सरकार ने जन वितरण प्रणाली (पीडीएस) में राशन दुकानों के साथ राशन कार्डों की टैगिंग में हो रही अनियमितताओं पर सख्त रुख अपनाया है. खाद्य एवं उपभोक्ता संरक्षण विभाग के सचिव दीपक आनंद ने सभी जिलाधिकारियों (डीएम) को 15 दिनों के भीतर टैगिंग व्यवस्था में सुधार करने का अंतिम अल्टीमेटम जारी किया है. विभाग ने स्पष्ट किया है कि अब इस मामले में किसी भी स्तर पर लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी.
Buxar News : 250 राशन कार्ड का नियम फिर सख्ती से होगा लागू.
विभाग के अनुसार प्रत्येक जन वितरण प्रणाली (पीडीएस) दुकान के साथ सामान्य परिस्थितियों में कम से कम 250 राशन कार्ड टैग होना अनिवार्य है. इस व्यवस्था का उद्देश्य सभी राशन डीलरों के बीच आर्थिक संतुलन बनाए रखना और उन्हें पर्याप्त मार्जिन मनी उपलब्ध कराना है.
समीक्षा बैठक में सामने आई बड़ी गड़बड़ी.
24 जून को विभागीय समीक्षा बैठक में खुलासा हुआ कि कई जिलों में विभागीय निर्देशों की अनदेखी की जा रही है. जांच में पाया गया कि कुछ डीलरों के पास 700 से अधिक राशन कार्ड टैग हैं, जबकि कई दुकानों के साथ 100 से भी कम कार्ड जुड़े हैं. इससे डीलरों के बीच आर्थिक असमानता और असंतोष बढ़ रहा है.
डीएम करेंगे निगरानी, 15 दिन में देनी होगी रिपोर्ट.
खाद्य सचिव ने सभी डीएम को निर्देश दिया है कि वे स्वयं इस व्यवस्था की समीक्षा करें और जिले में टैगिंग संबंधी सभी विसंगतियों को दूर कराएं. सुधार कार्य पूरा होने के बाद जिलावार रिपोर्ट की प्रति विभागीय मुख्यालय को भी भेजनी होगी.
250 से कम कार्ड पर मुख्यालय की मंजूरी जरूरी.
यदि किसी दूरस्थ या विशेष भौगोलिक क्षेत्र में किसी राशन दुकान के साथ 250 से कम राशन कार्ड रखना आवश्यक हो, तो संबंधित जिला आपूर्ति पदाधिकारी या अनुमंडल पदाधिकारी को इसका विस्तृत कारण बताते हुए विभागीय मुख्यालय से पूर्व लिखित अनुमति लेनी होगी. बिना अनुमति के 250 से कम कार्ड टैग नहीं किए जा सकेंगे.
आदेश के बाद अधिकारियों में बढ़ी हलचल.
मुख्यालय से जारी निर्देश के बाद जिला आपूर्ति विभाग और अनुमंडल स्तर के अधिकारियों में हलचल तेज हो गई है. माना जा रहा है कि अगले 15 दिनों में पूरे बिहार में राशन दुकानों के साथ जुड़े कार्डों की टैगिंग में बड़े स्तर पर बदलाव देखने को मिल सकता है.
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