भूमि विवाद के आठ मामलों की सुनवाई, पांच का मौके पर निबटारा

शनिवार को डुमरांव प्रखंड कार्यालय सभागार में भूमि विवादों के त्वरित एवं शांतिपूर्ण निबटारे को लेकर एक महत्वपूर्ण बैठक किया गया.

डुमरांव. शनिवार को डुमरांव प्रखंड कार्यालय सभागार में भूमि विवादों के त्वरित एवं शांतिपूर्ण निबटारे को लेकर एक महत्वपूर्ण बैठक किया गया. बैठक की अध्यक्षता राजस्व पदाधिकारी सह प्रभारी अंचलाधिकारी कुमार दिनेश ने की. इस दौरान विभिन्न थाना क्षेत्रों से प्राप्त भूमि विवाद से जुड़े मामलों की गहन समीक्षा और सुनवाई की गई. बैठक में नया भोजपुर, कोरानसराय, डुमरांव एवं कृष्णाब्रह्म थाना क्षेत्र सहित कुल आठ भूमि विवाद के मामले प्रस्तुत किए गए. प्रभारी अंचलाधिकारी ने दोनों पक्षों की दलीलों को गंभीरता से सुना तथा संबंधित राजस्व अभिलेखों की जांच के उपरांत निष्पक्ष निर्णय देने का सतत् प्रयास किया. पांच मामलों का ऑन द स्पॉट समाधान : सुनवाई के दौरान पांच भूमि विवाद मामलों का मौके पर ही निष्पादन कर दिया गया, जिससे दोनों पक्षों को संतुष्ट देखा गया. इन मामलों का समाधान होने से लंबे समय से चले आ रहे विवाद समाप्त हुए और आपसी सहमति बनी. दो मामलों में वास्तविक स्थिति स्पष्ट नहीं होने के कारण संबंधित राजस्व कर्मियों को नापी कराने का निर्देश दिया गया. अंचलाधिकारी ने कहा कि नापी के बाद ही न्याय और स्थायी निर्णय लिया जायेगा, ताकि भविष्य में पुनः विवाद उत्पन्न न हो पाए. वहीं, एक मामले में एक पक्ष की उपस्थिति नहीं होने के कारण सुनवाई नहीं हो सकी, मामले को अगली तिथि के लिए स्थगित कर दिया गया. भूमि विवाद से बिगड़ती है विधि-व्यवस्था : प्रभारी अंचलाधिकारी कुमार दिनेश ने कहा कि भूमि विवाद अक्सर आपसी तनाव और विधि-व्यवस्था की समस्या का कारण बनते हैं, इसलिए इनका समय पर समाधान अत्यंत आवश्यक है. उन्होंने दोनों पक्षों से आपसी सहमति एवं कानूनी प्रक्रिया के तहत विवाद निपटाने की अपील की और अधिकारियों को ऐसे मामलों में त्वरित कार्रवाई करने का निर्देश दिया. इस दौरान विभिन्न थानों के थानाध्यक्ष मौजूद थे. बैठक में विधि-व्यवस्था बनाए रखने की दृष्टि से संबंधित थानों के थानाध्यक्ष भी उपस्थित रहे. डुमरांव थानाध्यक्ष संजय कुमार सिन्हा, नया भोजपुर थानाध्यक्ष चंदन कुमार, कोरानसराय थानाध्यक्ष माधुरी कुमारी तथा कृष्णाब्रह्म थानाध्यक्ष संदीप कुमार राम ने मामलों ��ी हकीकत और स्थानीय परिस्थितियों से रूबरू कराया. थानाध्यक्षों ने कहा कि प्रशासनिक स्तर पर भूमि विवादों का समाधान होने से क्षेत्र में शांति, सौहार्द और कानून-व्यवस्था बनाये रखने में काफी मदद मिलती है. प्रभारी अंचलाधिकारी ने बताया कि आगे भी इस तरह की बैठकें नियमित रूप से आयोजित की जायेंगी, ताकि भूमि विवादों का शुरुआती दौर पर ही समाधान हो सके और लोगों को न्याय के लिए अनावश्यक भटकाव से बचाया जा सके.

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Published by: Amlesh prasad

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