डुमरांव से सुजीत कुमार ओझा की रिपोर्ट :
Buxar News: अनुमंडलीय अस्पताल डुमरांव में बिजली आपूर्ति बाधित होने से मातृ एवं नवजात शिशु देखभाल इकाई (एमएनसीयू) में उत्पन्न आपात स्थिति को जिला प्रशासन ने गंभीरता से लिया है. विभिन्न समाचार पत्रों में प्रकाशित खबरों और सोशल मीडिया पर प्रसारित सूचनाओं के बाद जिला पदाधिकारी के निर्देश पर अनुमंडल पदाधिकारी (एसडीओ) राकेश कुमार ने मंगलवार को अस्पताल का निरीक्षण किया.
ट्रांसफार्मर खराब होने से ठप हुई बिजली व्यवस्था
निरीक्षण के दौरान अस्पताल प्रशासन, कर्मियों और विद्युत मिस्त्री ने बताया कि ट्रांसफार्मर में खराबी आने के कारण पूरे अस्पताल की बिजली आपूर्ति बाधित हो गई थी. जेनरेटर के माध्यम से आपूर्ति बहाल करने का प्रयास किया गया, लेकिन अधिक लोड के कारण व्यवस्था सुचारु रूप से संचालित नहीं हो सकी. स्थिति को संभालने के लिए बिजली का कनेक्शन सीधे जोड़ा गया, लेकिन विद्युत तार में फॉल्ट होने से बीच का तार जल गया. इसके कारण एमएनसीयू में बिजली आपूर्ति बहाल नहीं हो सकी.
ऑक्सीजन सप्लाई बाधित होने से बिगड़ी नवजातों की हालत
बिजली बाधित होने के कारण एमएनसीयू में ऑक्सीजन सप्लाई भी प्रभावित हो गई. इससे वहां भर्ती नवजात शिशुओं की तबीयत बिगड़ने लगी और उन्हें सांस लेने में परेशानी होने लगी. अस्पताल के डॉक्टरों ने तत्परता दिखाते हुए नवजातों को वार्ड से बाहर सुरक्षित स्थान पर लाकर उनका उपचार शुरू किया. चिकित्सकों के प्रयास से सभी नवजातों की जान बचाई जा सकी. बाद में बिजली आपूर्ति बहाल होने के बाद उन्हें दोबारा एमएनसीयू में स्थानांतरित कर देखभाल शुरू की गई.
जांच रिपोर्ट के बाद अस्पताल प्रबंधक निलंबित
मामले की जांच के बाद प्रस्तुत प्रतिवेदन के आधार पर प्रशासन ने तत्काल प्रभाव से प्रखंड स्वास्थ्य प्रबंधक, डुमरांव सह प्रभारी अस्पताल प्रबंधक को निलंबित कर दिया है. इसके साथ ही प्रभारी उपाधीक्षक, अनुमंडलीय अस्पताल डुमरांव के विरुद्ध प्रपत्र-क गठित करते हुए विभागीय कार्रवाई शुरू कर दी गई है.
सिविल सर्जन और जिला परियोजना प्रबंधक से भी मांगा गया जवाब
प्रशासन ने मामले में जिला स्वास्थ्य विभाग की जवाबदेही तय करते हुए जिला परियोजना प्रबंधक (स्वास्थ्य) और सिविल सर्जन से भी स्पष्टीकरण मांगा है. अधिकारियों से घटना के संबंध में विस्तृत जवाब मांगा गया है.
भविष्य में लापरवाही बर्दाश्त नहीं
जिला प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि अस्पताल जैसी संवेदनशील संस्थाओं में बिजली और ऑक्सीजन जैसी मूलभूत सुविधाओं में किसी भी प्रकार की लापरवाही स्वीकार नहीं की जाएगी. जांच के आधार पर आगे भी आवश्यक कार्रवाई की जाएगी ताकि भविष्य में ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति न हो और मरीजों की सुरक्षा सुनिश्चित की जा सके.
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