Buxar Plantation Drive 2026 : बक्सर जिले में पर्यावरण संरक्षण और हरित विकास को बढ़ावा देने के लिए वित्तीय वर्ष 2026-27 में 3 लाख 26 हजार 400 पौधों का वृहद पौधारोपण अभियान चलाया जाएगा. जिले की सभी 136 पंचायतों में इस अभियान को लागू किया जाएगा. नई VB-G RAM योजना के तहत पौधारोपण के साथ स्थानीय मजदूरों को रोजगार भी मिलेगा.
Buxar News : 136 पंचायतों में लगेगा हरियाली का अभियान
ग्रामीण विकास विभाग की कार्ययोजना के अनुसार जिले की प्रत्येक पंचायत में औसतन 2,400 पौधे लगाए जाएंगे. इसके लिए पंचायत स्तर पर स्थलों का चयन किया जा रहा है. सड़क किनारे, विद्यालय परिसर, आंगनबाड़ी केंद्र, खेल मैदान, सामुदायिक भवन, सरकारी एवं निजी भूमि के साथ तालाबों और नहरों के किनारे भी पौधारोपण किया जाएगा.
VB-G RAM योजना से मिलेगा रोजगार
विभागीय अधिकारियों के अनुसार पहले यह कार्य मनरेगा के तहत कराया जाता था, लेकिन अब पौधारोपण अभियान VB-G RAM योजना के अंतर्गत संचालित होगा. इस योजना में गड्ढा खुदाई, पौधारोपण, पौधों की सुरक्षा, सिंचाई और रखरखाव जैसे कार्यों में स्थानीय मजदूरों को रोजगार मिलेगा. इससे ग्रामीण क्षेत्रों में आय बढ़ाने के साथ पर्यावरण संरक्षण का लक्ष्य भी पूरा होगा.
इन प्रजातियों के पौधों को मिलेगी प्राथमिकता.
अभियान को सफल बनाने के लिए वन विभाग, ग्रामीण विकास विभाग और पंचायत प्रतिनिधियों के बीच समन्वय स्थापित किया जा रहा है. स्थानीय जलवायु और मिट्टी के अनुसार आम, नीम, पीपल, बरगद, शीशम, अर्जुन, सहजन समेत छायादार और फलदार पौधों को प्राथमिकता दी जाएगी. इससे भविष्य में पर्यावरणीय लाभ के साथ ग्रामीणों को आर्थिक लाभ मिलने की भी संभावना है.
विशेषज्ञ बोले- तापमान और प्रदूषण कम करने में मिलेगी मदद
विशेषज्ञों का मानना है कि बड़े पैमाने पर पौधारोपण से बढ़ते तापमान, वायु प्रदूषण और भूजल स्तर में गिरावट जैसी समस्याओं पर प्रभावी नियंत्रण में मदद मिलेगी. पौधे कार्बन डाइऑक्साइड को अवशोषित कर वातावरण को शुद्ध बनाते हैं और वर्षा चक्र को संतुलित रखने में भी अहम भूमिका निभाते हैं. हरियाली बढ़ने से जिले में जैव विविधता को भी मजबूती मिलेगी.
किस प्रखंड में कितने पौधे लगाए जाएंगे
| प्रखंड | पौधारोपण लक्ष्य |
| ब्रह्मपुर | 40,800 |
| बक्सर | 36,000 |
| चक्की | 9,600 |
| चौगाई | 12,000 |
| चौसा | 21,600 |
| डुमरांव | 33,600 |
| इटाढ़ी | 33,600 |
| केसठ | 7,200 |
| नावानगर | 38,400 |
| राजपुर | 45,600 |
| सिमरी | 48,00 |
