Baba Brahmeshwar Nath Dham: पवित्र सावन माह की दूसरी सोमवारी पर पौराणिक एवं ऐतिहासिक धार्मिक स्थल बाबा ब्रह्मेश्वर नाथ धाम में श्रद्धा और भक्ति का जनसैलाब उमड़ पड़ा. भोर के चार बजे मंदिर के मुख्य कपाट खुलते ही पूरा ब्रह्मपुर क्षेत्र ''हर-हर महादेव'', ''बोल बम'' और ''जय बाबा ब्रह्मेश्वर नाथ'' के जयकारों से गूंज उठा. बिहार और उत्तर प्रदेश से पहुंचे करीब ढाई लाख से अधिक श्रद्धालुओं ने भगवान शिव का जलाभिषेक कर परिवार की सुख, समृद्धि और आरोग्य की कामना की.
रविवार मध्य रात्रि से लगीं कई किलोमीटर लंबी कतारें
दूसरी सोमवारी पर बाबा का जलाभिषेक करने के लिए श्रद्धालुओं में खासा उत्साह देखने को मिला. रविवार की रात 12 बजे से ही कांवरियों और स्थानीय भक्तों का मंदिर परिसर में पहुंचना शुरू हो गया था. सुबह होते-होते पुरुषों और महिलाओं की अलग-अलग कतारें मंदिर परिसर से बाहर निकलकर ब्रह्मपुर बाजार और राष्ट्रीय राजमार्ग के मुहाने तक पहुंच गयीं.
श्रद्धालुओं ने सबसे पहले पवित्र शिवगंगा पोखरा में स्नान कर संकल्प लिया. इसके बाद हाथों में कांवर, गंगाजल, बेलपत्र, धतूरा, भांग, दूध, चंदन और अक्षत लेकर श्रद्धालु अनुशासित तरीके से मंदिर के गर्भगृह की ओर बढ़ते रहे.
सुरक्षा व्यवस्था रही चाक-चौबंद
श्रद्धालुओं की भारी भीड़ को देखते हुए बक्सर जिला प्रशासन और पुलिस प्रशासन की ओर से व्यापक इंतजाम किए गए थे. संवेदनशील स्थानों, गर्भगृह, नंदी गृह और शिवगंगा के आसपास महिला और पुरुष पुलिस बल के साथ दंडाधिकारियों की तैनाती की गयी थी.
मेला क्षेत्र और श्रद्धालुओं की कतारों पर नजर रखने के लिए मुख्य नियंत्रण कक्ष से सीसीटीवी और ड्रोन कैमरों के जरिए निगरानी की गयी. स्वास्थ्य विभाग की ओर से मंदिर परिसर में एंबुलेंस और त्वरित चिकित्सा दल तैनात किया गया था. श्रद्धालुओं के लिए जगह-जगह शुद्ध पेयजल और सचल शौचालय की भी व्यवस्था की गयी थी.
सेवा शिविरों में कांवरियों की सेवा
बक्सर के रामरेखा घाट से जल भरकर पैदल पहुंचे हजारों कांवरियों के लिए रास्ते में जगह-जगह नि:शुल्क सेवा शिविर लगाए गए थे. स्थानीय पूजा समितियों और समाजसेवी संस्थाओं की ओर से श्रद्धालुओं के लिए फल, शरबत, चाय और फलाहारी भोजन की व्यवस्था की गयी.
लंबी दूरी तय कर पहुंचे कांवरियों के पैरों की मालिश और प्राथमिक उपचार की सुविधा भी स्वयंसेवकों द्वारा उपलब्ध करायी गयी. बाबा ब्रह्मेश्वर नाथ धाम में दूसरी सोमवारी पर उमड़ी भीड़ ने पूरे क्षेत्र को भक्तिमय बना दिया.
