Buxar Shravani Mela : (ओंकार नाथ मिश्र) मोहर्रम और श्रावणी मेले को लेकर इस बार प्रशासन पूरी तरह अलर्ट मोड में है. त्योहारों की आस्था और भीड़ के बीच कहीं भी अव्यवस्था न फैले, इसके लिए कड़े सुरक्षा इंतजाम किए गए हैं. प्रशासन ने साफ शब्दों में चेतावनी दी है-अगर नियम तोड़े गए, तो कार्रवाई तय है.
शांति समिति की बैठक में बनी सख्त रणनीति
सदर अनुमंडल कार्यालय में एसडीओ अविनाश कुमार की अध्यक्षता में हुई शांति समिति की अहम बैठक में त्योहारों को शांतिपूर्ण तरीके से संपन्न कराने पर विस्तार से चर्चा हुई. बैठक में यह तय किया गया कि किसी भी हाल में कानून-व्यवस्था से खिलवाड़ बर्दाश्त नहीं किया जाएगा. प्रशासन ने स्पष्ट किया कि कौमी एकता बनाए रखना सर्वोच्च प्राथमिकता है.
डीजे और पटाखों पर पूरी तरह प्रतिबंध
त्योहारों के दौरान डीजे बजाने और पटाखे फोड़ने पर पूर्ण प्रतिबंध लगा दिया गया है. एसडीओ ने सख्त निर्देश देते हुए कहा कि इन नियमों का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी. पुलिस को भी निर्देश दिया गया है कि वे ऐसे मामलों में तुरंत हस्तक्षेप करें.
बिना लाइसेंस जुलूस निकालना पड़ेगा भारी
मोहर्रम के जुलूस को लेकर प्रशासन ने विशेष सख्ती दिखाई है. सभी जुलूसों के लिए पूर्व में लाइसेंस लेना अनिवार्य कर दिया गया है. बिना वैध अनुज्ञप्ति के किसी भी ताजिया जुलूस को सड़क पर निकलने की अनुमति नहीं दी जाएगी. साथ ही पूरे अनुमंडल क्षेत्र में निषेधाज्ञा लागू रहेगी.
शहर की सफाई और बिजली व्यवस्था दुरुस्त करने का आदेश
नगर परिषद को निर्देश दिया गया है कि समय रहते शहर की साफ-सफाई पूरी कर ली जाए. नालों की उड़ाही और खुले नालों को ढकने का काम प्राथमिकता से किया जाएगा. वहीं बिजली विभाग को ताजिया मार्गों पर लटकते तारों को ठीक करने के निर्देश दिए गए हैं, ताकि किसी भी प्रकार की दुर्घटना से बचा जा सके.
असामाजिक तत्वों पर रहेगी पैनी नजर
प्रशासन ने साफ कर दिया है कि त्योहार के दौरान हुड़दंग या नशाखोरी करने वालों को किसी भी सूरत में बख्शा नहीं जाएगा. शराब पीकर उत्पात मचाने वालों को सीधे जेल भेजा जाएगा. इसके लिए पुलिस और दंडाधिकारियों की तैनाती प्रमुख स्थलों पर की जाएगी.
भारी पुलिस बल की तैनाती का भरोसा
बैठक में मौजूद अधिकारियों ने आश्वासन दिया कि ताजिया मार्गों, मंदिरों और मस्जिदों के आसपास पर्याप्त संख्या में पुलिस बल तैनात रहेगा. सदर एसडीपीओ गौरव पांडेय समेत सभी सीओ, थानाध्यक्ष और अन्य अधिकारी इस दौरान पूरी तरह सक्रिय रहेंगे.
त्योहार में शांति का संदेश
प्रशासन का यह सख्त रुख सिर्फ कानून लागू करने के लिए नहीं, बल्कि त्योहारों की पवित्रता और आपसी भाईचारे को बनाए रखने के लिए है। बक्सर में इस बार संदेश साफ है-त्योहार मनाइए, लेकिन नियमों के दायरे में रहकर.
