Buxar News:(विनीत कुमार मिश्रा) बक्सर जिले के डुमरांव प्रखंड की मठिला पंचायत में सरकारी चापाकलों की मरम्मत नहीं होने के कारण ग्रामीण गंभीर पेयजल संकट से जूझ रहे हैं. उमसभरी गर्मी में पानी की किल्लत ने लोगों की परेशानी और बढ़ा दी है.
ग्रामीणों के अनुसार, पंचायत के कई वार्डों में सरकारी चापाकल लंबे समय से खराब पड़े हैं और मरम्मत के अभाव में पूरी तरह बंद हो चुके हैं.
कई वार्डों में बंद पड़े चापाकल
ग्रामीण मुन्ना मिश्रा ने बताया कि वार्ड संख्या-1 में मिश्रा जी के दलान के पास, वार्ड-2 में जयराम यादव के दरवाजे के पास, वार्ड-3 में शिवनाथ यादव के डेरा पर तथा वार्ड-7 के बाजार क्षेत्र में राजा के इनार के पास स्थित चापाकल वर्षों से बंद पड़े हैं. ग्रामीणों ने बताया कि देखरेख और समय पर मरम्मत नहीं होने के कारण सभी चापाकल निष्क्रिय हो चुके हैं, जिससे लोगों को दूर-दराज से पानी लाकर अपनी जरूरतें पूरी करनी पड़ रही हैं.
पेयजल संकट से बढ़ी परेशानी
ग्रामीणों ने बताया कि यदि नल-जल योजना के तहत नियमित जलापूर्ति सुचारू रूप से हो जाए तो सैकड़ों लोगों को राहत मिल सकती है. उनका कहना है कि पंचायत में वर्षों पहले बनाए गए जलमिनार से भी केवल आंशिक क्षेत्रों में ही पानी की आपूर्ति हो रही है, जिससे कई वार्ड आज भी वंचित हैं.
ग्रामीणों ने उठाई मरम्मत की मांग
इस समस्या को लेकर ग्रामीणों ने पीएचईडी विभाग से जल्द से जल्द सभी बंद पड़े सरकारी चापाकलों की मरम्मत कराने की मांग की है. साथ ही जलापूर्ति व्यवस्था को पूरी तरह दुरुस्त करने की अपील की गई है, ताकि आने वाले दिनों में लोगों को पेयजल संकट से राहत मिल सके.
प्रशासन से हस्तक्षेप की मांग
स्थानीय लोगों ने कहा कि यदि समय रहते इस समस्या का समाधान नहीं किया गया तो गर्मी के दिनों में स्थिति और गंभीर हो सकती है. ग्रामीणों ने प्रशासन से तत्काल हस्तक्षेप कर स्थायी समाधान निकालने की मांग की है.
